नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान को मिला जनसमर्थन, कटड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान को मिला जनसमर्थन, कटड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


जम्मू, 19 जून (हि.स.)। जिला प्रशासन रियासी ने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत स्पिरिचुअल ग्रोथ सेंटर, कटड़ा में एक विशाल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग की आयुक्त सचिव शीतल नंदा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

इस अवसर पर जिला प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों, युवा समूहों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता जिले के विभिन्न स्कूलों के छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही। विद्यार्थियों ने संगोष्ठियों, नुक्कड़ नाटकों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। स्थानीय कलाकारों ने भी नशा विरोधी संदेशों से भरपूर गीत प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया।

अपने संबोधन में उपायुक्त रियासी कुमार अभिषेक ने कहा कि जिला प्रशासन नशा मुक्त रियासी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान के तीन प्रमुख स्तंभ जागरूकता, नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और नशा पीड़ितों का पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं तथा उनकी संपत्तियों को भी जब्त किया गया है।

उपायुक्त ने कहा कि जिले में नशामुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं और जिला अस्पताल रियासी में उपचार सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे से जुड़े मामलों की गोपनीय जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएं और नशे के शिकार लोगों को समय पर उपचार दिलाने में सहयोग करें। उन्होंने बताया कि स्कूल काउंसलर, महिला निगरानी समितियां और आशा कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

आयुक्त सचिव शीतल नंदा ने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मांग और आपूर्ति दोनों पक्षों पर समान रूप से काम करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जहां जागरूकता, परामर्श और पुनर्वास से नशे की लत को कम किया जा सकता है वहीं नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और संपत्ति जब्ती जैसे कदम भी जरूरी हैं। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा 100 दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के सफल क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सामुदायिक सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने अभिभावकों विशेषकर माताओं से अपने बच्चों की गतिविधियों और मित्र मंडली पर नजर रखने का आग्रह किया। साथ ही नशे को एक उपचार योग्य बीमारी बताते हुए इसके प्रति सामाजिक कलंक को समाप्त करने और समय पर परामर्श व पुनर्वास सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने युवाओं में अच्छे संस्कार, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने का आह्वान किया ताकि वे नशे से दूर रहकर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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