सोपोर कस्बे में यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार : उपमुख्यमंत्री
श्रीनगर, 21 सितंबर (हि.स.)। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने सोमवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने सोपोर कस्बे और उसकी फल मंडी में यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की है। उन्होंने कहा कि सरकार केंद्र सहित विभिन्न एजेंसियों से वित्तपोषण के विकल्पों पर विचार कर रही है।
विधानसभा में प्रश्नों का उत्तर देते हुए चौधरी ने सोपोर में यातायात जाम कम करने की मांग को “एक बहुत ही गंभीर मुद्दा” और “एक बहुत ही वास्तविक मांग” बताया। उन्होंने कहा कि संबंधित विधायक ने यातायात जाम कम करने के उद्देश्य से सड़क निर्माण कार्यों के लिए सिफारिशें की हैं जबकि कृषि मंत्री जावेद अहमद डार और बारामूला के उपायुक्त ने अलग-अलग इस मुद्दे की समीक्षा की है।
चौधरी ने कहा कि चाहे सोपोर फल मंडी हो या सोपोर कस्बा या अन्य सड़कें, 1,000 करोड़ रुपये की पूरी डीपीआर तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजना के आकार को देखते हुए सरकार विभिन्न एजेंसियों के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है और यह पता लगा रही है कि जम्मू-कश्मीर सरकार कितना फंड दे सकती है।
उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार के साथ भी यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या कुछ परियोजनाओं को इसमें शामिल किया जा सकता है ताकि सोपोर शहर में भीड़भाड़ कम हो सके और सोपोर के लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिल सके। हालांकि चौधरी ने कहा कि आवश्यक फंड मिलने तक परियोजना में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि 1,000 करोड़ बहुत बड़ी रकम है। फिर भी सरकार इन लोगों के लिए वह सब करने की कोशिश करेगी जो हम करना चाहते हैं। हालांकि अभी फंड मिलने में समय लगेगा।
उपमुख्यमंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों पर सरकार के रुख का बचाव करते हुए कहा कि मंत्री सदन में संबंधित फाइलों के साथ मौजूद थे और कर्मचारियों और सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित मुद्दों पर जवाब देने के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा कि चाहे एनएचएम हो, दिहाड़ी मजदूर हों, एनवाईसी हों या बिजली, पानी, सड़कों या स्कूलों से जुड़ा कोई भी मुद्दा हो, मंत्री यहाँ बैठे हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सदस्य सरकार के जवाब सुनने को तैयार नहीं हैं और विधानसभा में मुख्य रूप से सुर्खियाँ बटोरने आए हैं। उन्होंने कहा कि वे यहाँ सुर्खियाँ बटोरने आए हैं लेकिन जनता उन्हें देख रही है। चौधरी ने कहा और जम्मू-कश्मीर की जनता से “उनका असली चेहरा देखने” की अपील की। हालिया रिपोर्टिंग में चौधरी की कर्मचारी संबंधी मुद्दों, जिनमें एनएचएम कार्यकर्ता भी शामिल हैं पर की गई टिप्पणियों का भी दस्तावेजीकरण किया गया है क्योंकि सरकार नियमितीकरण और सेवा शर्तों को लेकर मांगों का सामना कर रही है। सरकार ने पहले सोपोर मंडी विस्तार, सड़क अवसंरचना, पार्किंग सुविधाओं और भीड़भाड़ की समस्या से निपटने के उद्देश्य से अन्य उपायों से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

