डोगरी संस्था जम्मू ने शुरू की 15 दिवसीय अनुवाद कार्यशाला, 70 से अधिक विद्यार्थी ले रहे प्रशिक्षण

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डोगरी संस्था जम्मू ने शुरू की 15 दिवसीय अनुवाद कार्यशाला, 70 से अधिक विद्यार्थी ले रहे प्रशिक्षण


जम्मू, 01 जुलाई (हि.स.)। डोगरी संस्था जम्मू ने विद्यार्थियों में व्यावहारिक अनुवाद कौशल विकसित करने तथा डोगरी भाषा एवं साहित्य के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से मंगलवार को 15 दिवसीय कौशल विकास इंटर्नशिप अनुवाद कार्यशाला का शुभारंभ किया। 60 घंटे की यह गहन प्रशिक्षण कार्यशाला 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित की जाएगी जिसमें जम्मू के विभिन्न महाविद्यालयों के 70 से अधिक विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। कार्यशाला का आयोजन पद्मश्री प्रो. ललित मगोत्रा के निर्देशन में किया जा रहा है जबकि डॉ. बंसी लाल शर्मा सह-संसाधन व्यक्ति के रूप में प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इसमें गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन (जीसीडब्ल्यू) परेड, एम.ए.एम. कॉलेज तथा एस.पी.एम.आर. कॉलेज ऑफ कॉमर्स, जम्मू के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है जो अनुवाद को एक उभरते हुए शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में युवाओं की बढ़ती रुचि को दर्शाती है।

संस्था के अध्यक्ष प्रो. ललित मगोत्रा ने कहा कि आज के बहुभाषी दौर में अनुवाद केवल भाषाओं के बीच संवाद स्थापित करने का माध्यम नहीं बल्कि ज्ञान, साहित्य, संस्कृति और विचारों के आदान-प्रदान का सशक्त साधन भी है। उन्होंने कहा कि मीडिया, प्रकाशन, प्रशासन, शिक्षा, डिजिटल मंचों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित अनुवादकों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक प्रशिक्षण देकर इन नए अवसरों के लिए तैयार करना है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को विज्ञापन, ज्ञान-साहित्य, समाचार लेखन, मशीन अनुवाद, साहित्यिक कथा-साहित्य, उपशीर्षक (सबटाइटल) निर्माण तथा कार्यालयी पत्राचार सहित अनुवाद के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभिन्न सत्रों का संचालन प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा जिससे विद्यार्थियों को व्यावसायिक अनुवाद की तकनीकों, चुनौतियों और नैतिक पक्षों की गहन जानकारी प्राप्त होगी।

कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. तरसेम रैना कर रहे हैं जबकि पवन वर्मा, सुशील बेगाना और पंकज शर्मा सह-समन्वयक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस आयोजन को डॉ. आरती शर्मा, डॉ. नाज़िया चौधरी, डॉ. दीपिका मेहरा, डॉ. नीरू देवी तथा डॉ. अनु देवी का भी सक्रिय सहयोग प्राप्त है। डोगरी संस्था जम्मू का मानना है कि यह पहल अनुवाद अध्ययन को नई दिशा देने के साथ-साथ ऐसे दक्ष अनुवादकों की नई पीढ़ी तैयार करेगी जो डोगरी सहित भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यशाला का समापन 15 जुलाई 2026 को आयोजित समापन समारोह के साथ होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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