जम्मू-कश्मीर में डिजिटल जमाबंदी ऑनलाइन-2 अप्रैल तक सभी गांवों का रिकॉर्ड पोर्टल पर, लोगों से सत्यापन की अपील
कठुआ, 31 मार्च (हि.स.)। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के राजस्व विभाग ने पारदर्शिता बढ़ाने और आम लोगों को जमीन संबंधी रिकॉर्ड तक आसान पहुंच देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने निर्देश जारी करते हुए सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को डिजिटल जमाबंदी रिकॉर्ड को व्यापक रूप से सार्वजनिक करने के आदेश दिए हैं।
जारी आदेश के अनुसार सभी गांवों की फ्रीज्ड डिजिटल जमाबंदी 2 अप्रैल 2026 तक संबंधित पटवारियों द्वारा तहसीलदारों की निगरानी में ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पोर्टल पर जाकर अपने जमीन के रिकॉर्ड की जांच करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति पाई जाती है, तो उसके खिलाफ ऑनलाइन या संबंधित राजस्व कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं। स्पष्ट किया गया है कि डिजिटल रिकॉर्ड के साथ-साथ पटवार हल्कों में रखी मैनुअल जमाबंदी भी पूर्व प्रक्रिया के अनुसार निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा पुराने रिकॉर्ड ऑफ राइट्स और भौतिक जमाबंदियों को स्कैन कर डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। राजस्व विभाग ने यह भी कहा है कि आम जनता द्वारा दी गई शिकायतों का निपटारा संबंधित कानूनों और प्रक्रियाओं के तहत किया जाएगा। डिप्टी कमिश्नरों को निर्देशित किया गया है कि वे इस पहल की व्यापक जानकारी गांव स्तर तक पहुंचाने के लिए नोटिस, जन घोषणाएं, मीडिया और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल सुनिश्चित करें। साथ ही इस पूरी प्रक्रिया की व्यक्तिगत निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने इस कार्य को समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

