अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक में उभरते अवसरों पर हुआ संवाद, विद्यार्थियों ने प्रदर्शित किए प्रोजेक्ट
जम्मू, 25 सितंबर (हि.स.)। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू के सतीश धवन सेंटर फॉर स्पेस साइंसेज में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विद्यार्थियों के लिए संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. संजीव जैन के मार्गदर्शन और सेंटर के संयोजक एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो. राकेश कुमार झा के निर्देशन में हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान, तकनीक, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इसरो के कैपेसिटी बिल्डिंग एंड पब्लिक आउटरीच के निदेशक जी. हरिकृष्णन और वैज्ञानिक/इंजीनियर एम. वामशीधर रेड्डी ने विद्यार्थियों से बातचीत की और अंतरिक्ष क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों ने इन-स्पेस मॉडल रॉकेट्री कार्यक्रम, केन्सेट इंडिया स्टूडेंट कम्पीटिशन, केन्सेट ग्राउंड स्टेशन डैशबोर्ड, ग्राउंड स्टेशनों के लिए वी-डाइपोल एवं क्वाड्रिफिलर हेलिकल एंटीना तथा बीटेक ईसीई विद्यार्थियों द्वारा विकसित यागी एंटीना से जुड़े प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।
इसके अलावा इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) के मार्गदर्शन में चल रहे रेडियोसॉन्ड प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट में सैटेलाइट कम्युनिकेशन, एंटीना डिजाइन, वायुमंडलीय विज्ञान और रॉकेट्री सहित अंतरिक्ष तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों में उनके तकनीकी कौशल और रुचि को प्रदर्शित किया। कुलपति प्रो. संजीव जैन ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और शोध आधारित सीखने को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रो. राकेश कुमार झा ने इसरो अधिकारियों के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के संवाद विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

