डीजीपी नलिन प्रभात ने बारामूला टेरर केस में दो मंजिला घर जब्त करने को दी मंजूरी

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श्रीनगर, 23 सितंबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात ने शीरी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक आतंकी मामले के सिलसिले में शीरी, बारामूला के नंबलन गांव में एक दो मंज़िला रिहायशी घर को ज़ब्त करने की मंज़ूरी दे दी है।

पुलिस के अनुसार एक अगस्त को बारामूला पुलिस, 46 राष्ट्रीय राइफल्स, 53 सीआरपीएफ और 112 बीएसएफ के जवानों ने ज़ंडफरन, गोरीवान क्रॉसिंग, शीरी में एक नाका (चेकपोस्ट) लगाया था। चेकिंग के दौरान नंबलन-गोरीवान से शीरी की ओर पैदल जा रहे एक व्यक्ति ने नाका पार्टी को देखकर भागने की कोशिश की। उसे पकड़ लिया गया और उसकी पहचान नंबलन, शीरी के रहने वाले एजाज़ अहमद गनी के तौर पर हुई। पुलिस ने तलाशी के दौरान उसके पास से मैगज़ीन के साथ एक पिस्तौल, 9एमएम के 10 ज़िंदा कारतूस, एक रेडमी 14सी मोबाइल फ़ोन और दो एयरटेल सिम कार्ड बरामद किए।

बरामदगी के बाद शीरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर 37/2026 दर्ज करके जांच शुरू की गई। आदेश के अनुसार आगे की जांच में पता चला कि एजाज़ अहमद गनी को अगस्त, 2024 में नंबलन के जंगलों में आतंकवादियों से मैगज़ीन वाली एक पिस्तौल, ९एमएम के 10 ज़िंदा कारतूस और दो हैंड ग्रेनेड मिले थे। पुलिस के आदेश में यह भी कहा गया है कि वह आतंकवादियों के कहने पर ये हथियार और गोला-बारूद ले जा रहा था, ताकि शीरी, बारामूला में पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों के खिलाफ आतंकवादी घटना को अंजाम दिया जा सके।

बाद की जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि आरोपित के घर से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए। उसने 2024 के दौरान अपने दो-मंजिला घर में आतंकवादियों को पनाह और लॉजिस्टिकल मदद दी थी। जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सबूतों के आधार पर पुलिस ने कहा कि यह संपत्ति यूएपीए की धारा 2(1)(जी)(आईआई) के तहत परिभाषित आतंकवाद से प्राप्त आय के दायरे में आती है और इसलिए इसे ज़ब्त किया जा सकता है

जम्मू-कश्मीर पुलिस के आधिकारिक आदेश के अनुसार नंबलन गांव, शीरी, बारामूला में खसरा नंबर 423-मिन के तहत ज़मीन पर बनी इस प्रॉपर्टी को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 25 के तहत ज़ब्त करने का आदेश दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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