डीजीपी नलिन प्रभात का दावा- जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के गिने-चुने दिन बचे

WhatsApp Channel Join Now

श्रीनगर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकवादियों के दिन गिने-चुने बचे हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकवाद का समर्थन करने वालों को ढूंढ निकालेगी और उन्हें कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलवाएगी।

पुलिस स्मृति दिवस पर एक सभा को संबोधित करते हुए डीजीपी प्रभात ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने और उसके समर्थक नेटवर्क को ध्वस्त करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उससे जुड़े हर तत्व की पहचान करना और उसे जड़ से उखाड़ फेंकना है। आतंकी समर्थकों को कड़ी चेतावनी देते हुए डीजीपी ने कहा कि चाहे आप धरती के कोने-कोने में ही क्यों न छिप जाएं, हम आपको ढूंढ निकालेंगे और कानून के तहत आपको सजा दिलवाएंगे। उन्होंने एकता, आपसी विश्वास और सांप्रदायिक सद्भाव का आह्वान करते हुए लोगों से क्षेत्र में शांति और स्थिरता भंग करने की कोशिश कर रही ताकतों के खिलाफ सतर्क रहने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि विविधता में एकता भारत की पहचान है और सामाजिक सद्भाव जम्मू-कश्मीर की प्रगति का एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बलों को अपना समर्थन देने का आग्रह किया। सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर डीजीपी ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने, समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा करने और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने ऐसे अपराधों की निगरानी और रोकथाम के लिए तंत्र को मजबूत करने का आह्वान किया। नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर का आह्वान करते हुए प्रभात ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध मादक पदार्थों के व्यापार के खिलाफ कार्रवाई तेज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं है। यह हमारे युवाओं के भविष्य की रक्षा, परिवारों के कल्याण और हमारे समाज की नैतिक शक्ति की रक्षा का सवाल है।

कर्तव्य की राह में अपनी जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डीजीपी ने कहा कि शहीदों को सबसे अच्छी श्रद्धांजलि एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण, सामंजस्यपूर्ण और समृद्ध जम्मू-कश्मीर का निर्माण करना होगा। उन्होंने शहीदों के परिवारों के कल्याण और निरंतर समर्थन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। डीजीपी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उनके अभियानों में सफलता और सुरक्षा की कामना की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

764371 Articles

Share this story