रामबन के उपायुक्त ने विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की, आपदा निवारण योजना पर चर्चा की
रामबन, 03 जनवरी (हि.स.)। रामबन के उपायुक्त मोहम्मद अलियास खान ने आज रामबन जिले में वर्तमान में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का आकलन करने और आपदा निवारण योजना पर विचार-विमर्श करने के लिए एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
उपायुक्त ने जिला पूंजीगत व्यय बजट 2025-26, निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि 2025-26 जनजातीय मामलों जिला सड़क सुरक्षा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व एसडीआ एफ 2025-26 असंबंधित निधि और एसएएससीआई योजना के तहत निष्पादित किए जा रहे कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में विरासत स्थलों के पुनरुद्धार वित्तीय समावेशन पहलों प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, पीएम-किसान योजना और एसडीआरएफ से संबंधित प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य योजना अधिकारी डॉ. शकीब अहमद राथर उपस्थित थे। पीडब्ल्यूडी रामबन और बनिहाल जल शक्ति जेपीडीसीएल और आरईडब्ल्यू के कार्यकारी अभियंता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, मुख्य कृषि अधिकारी, नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला प्रबंधक और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
उपायुक्त ने जिला पूंजीगत व्यय बजट और अन्य योजनाओं के अंतर्गत सभी विकास कार्यों को पूरा करने के लिए समयसीमा निर्धारित की। उन्होंने कार्यान्वयन विभागों के अधिकारियों को दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया ताकि सभी चालू और नए परियोजनाओं की प्रभावी निगरानी और समय पर पूर्णता सुनिश्चित की जा सके जिसमें 100 प्रतिशत भौतिक और वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
डीसी ने विशेष रूप से पीडब्ल्यूडी आरईडब्ल्यू जल शक्ति और जेपीडीसीएल के कार्यकारी अभियंताओं को शिक्षा स्वास्थ्य लघु सिंचाई जल आपूर्ति योजनाओं युवा सेवा एवं खेल शहरी स्थानीय निकायों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने प्रगति में बाधा उत्पन्न करने वाले कई मुद्दों का मौके पर ही समाधान किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने इसके अलावा।आपदा निवारण योजना पर विस्तार से चर्चा की गई और निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर योजना प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए।
सभी विभागों के अधिकारियों को योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि लाभ समय पर और प्रभावी ढंग से लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

