लोकतंत्र राजनीतिक स्वार्थ नहीं, संवैधानिक मर्यादाओं से चलता है-राजीव जसरोटिया

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लोकतंत्र राजनीतिक स्वार्थ नहीं, संवैधानिक मर्यादाओं से चलता है-राजीव जसरोटिया


कठुआ, 30 अक्टूबर (हि.स.)। जसरोटा विधानसभा क्षेत्र के चंदवां में भाजपा की ओर से मंडल छन्न अरोड़ियां के तत्वावधान में ‘प्रमुख नागरिक गोष्ठी एवं लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया ने मुख्य रूप से संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र को राजनीतिक सुविधा और स्वार्थ का माध्यम नहीं बनाया जा सकता। लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान और उनकी स्वतंत्र कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना जरूरी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल रचनात्मक बहस करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर राजनीतिक विवाद पैदा कर रहे हैं। सरकार की नीतियों से असहमति जताना लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लगातार निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। एसआईआर को लेकर जारी राजनीतिक विवाद पर बोलते हुए जसरोटिया ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है जिसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण और अद्यतन करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है ताकि अपात्र और दोहरी प्रविष्टियों को हटाकर प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकारों की रक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और पात्र मतदाताओं की शिकायतों का उचित समाधान करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाएं न तो जवाबदेही से ऊपर हैं और न ही उन्हें राजनीतिक दबाव में लाया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की शिकायत या आपत्ति को निर्धारित संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से उठाया जाना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां लोकतांत्रिक भागीदारी और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करना बेहद जरूरी है। मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के दौरान सीमावर्ती गांवों, दूरदराज पहाड़ी क्षेत्रों, विस्थापित परिवारों, प्रवासी मतदाताओं और बर्फबारी से प्रभावित इलाकों की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। किसी भी पात्र मतदाता को दस्तावेजों की कमी, भौगोलिक कठिनाइयों या प्रशासनिक खामियों के कारण मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए जसरोटिया ने आपातकाल का उल्लेख किया और कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाली राजनीतिक पार्टियों को अपने राजनीतिक इतिहास और कार्यप्रणाली के प्रति भी जवाबदेह होना चाहिए। लोकतंत्र में असहमति का सम्मान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और चुनावी जनादेश को स्वीकार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बुनियादी ढांचे, सड़क संपर्क, राष्ट्रीय सुरक्षा, जनकल्याणकारी योजनाओं और युवाओं के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया है। जम्मू-कश्मीर में भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, कृषि और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश महासचिव बलदेव सिंह बिलावरिया ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। वहीं जिला प्रभारी संजय बारू ने कहा कि जमीनी स्तर पर जनता की भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जसरोटिया ने कहा कि जसरोटा विधानसभा क्षेत्र की जनता को अपने प्रतिनिधियों से काफी अपेक्षाएं हैं। जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए तथा उन्हें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान सुनिश्चित करने के प्रयास करने चाहिए। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष उपदेश अंडोत्रा, विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष, सरपंच, पंच, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

Livevns.news Desk
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