ओबीसी आरक्षण, पीओजेके विस्थापितों के राहत पैकेज और पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने की मांग उठाई
जम्मू, 29 अक्टूबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर जट्ट सभा के अध्यक्ष मनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा मंत्रिमंडल में किए गए फेरबदल और सुरिंदर चौधरी को दोबारा उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपने का स्वागत किया। आरएसपुरा स्थित सभा मुख्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि सरकार विभिन्न समुदायों और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी। बैठक में पूर्व सांसद एवं सभा के मुख्य संरक्षक तरलोक सिंह बाजवा, सचिव नरेश बिट्टू और अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
मनजीत सिंह ने ओबीसी समुदाय के लिए केंद्र स्तर पर 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के विस्थापित परिवारों के लिए 25 लाख रुपये के राहत पैकेज की सिफारिश के मुकाबले वर्तमान में दिए जा रहे 5.5 लाख रुपये की सहायता को अपर्याप्त बताते हुए इस अंतर को दूर करने की मांग की। इसके अलावा जम्मू में महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा स्थापित करने के लिए दो एकड़ भूमि आवंटित करने और जम्मू-कश्मीर में पंजाबी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी दोहराई गई।
सभा अध्यक्ष ने कहा कि विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, समुदाय के अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े मुद्दों का समाधान जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभा इन मांगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से सरकार के समक्ष उठाती रहेगी। तरलोक सिंह बाजवा और नरेश बिट्टू ने भी इन मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को आश्वासनों को ठोस कार्रवाई में बदलना चाहिए। बैठक में समुदाय के सदस्यों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों और विरासत के संरक्षण के लिए प्रयास जारी रखने की अपील की गई
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

