घाटी में सुरक्षा अभियानों में ‘बॉडी कैम’ अनिवार्य बनाने की मांग, उपराज्यपाल के आदेशों का स्वागत
जम्मू, 04 अप्रैल (हि.स.)।
जम्मू-कश्मीर इकाई ने गांदरबल के अरहामा में हुई हालिया घटना और उसके बाद सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों को लेकर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना राष्ट्र का गौरव है और इसकी छवि को धूमिल करने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि सेना को विवादों से बचाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग आवश्यक है।
प्रदेश मध्यवर्ती कार्यालय से जारी बयान में साहनी ने कहा, “आतंकवाद के विरुद्ध हर अभियान में हम सेना के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। हमारे जवानों का मनोबल और उनकी साख सर्वोपरि है। लेकिन जब भी किसी ऑपरेशन पर सवाल उठते हैं तो उनका त्वरित और पारदर्शी समाधान होना चाहिए ताकि राष्ट्र-विरोधी तत्वों को सेना के खिलाफ दुष्प्रचार का अवसर न मिले।
साहनी ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा दिए गए मजिस्ट्रेट जांच के आदेशों का स्वागत करते हुए कहा कि निर्धारित 7 दिनों की समय सीमा के भीतर जांच रिपोर्ट न केवल प्रस्तुत की जाए, बल्कि उसे सार्वजनिक भी किया जाए।
उन्होंने भविष्य में इस प्रकार की विवादित स्थितियों को समाप्त करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में संचालित सभी सुरक्षा अभियानों के दौरान सुरक्षा कर्मियों के लिए ‘बॉडी कैम’ और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग को अनिवार्य बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह तकनीक जवानों के लिए एक “डिजिटल सुरक्षा कवच” का कार्य करेगी।
अंत में साहनी ने कहा कि एक सशक्त और सुरक्षित जम्मू-कश्मीर के लिए वर्दी का सम्मान और आम जनता का प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास, दोनों का साथ-साथ चलना आवश्यक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

