हाईकोर्ट और जेकेपीएससी में जाट-सिख समुदाय को प्रतिनिधित्व देने की मांग

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हाईकोर्ट और जेकेपीएससी में जाट-सिख समुदाय को प्रतिनिधित्व देने की मांग


जम्मू, 30 अक्टूबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर जाट सभा ने जाट और सिख समुदायों को संवैधानिक एवं प्रशासनिक संस्थानों में उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई है। सभा के अध्यक्ष एस. मनजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट में जाट समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं होने और जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) में किसी सिख सदस्य की नियुक्ति नहीं होने पर चिंता जताई गई। बैठक में मनजीत सिंह ने कहा कि जाट और सिख समुदायों का जम्मू-कश्मीर के कृषि, सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय जीवन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसके बावजूद महत्वपूर्ण संस्थानों में इन समुदायों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मांग किसी तरह की रियायत की नहीं बल्कि योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर और उचित प्रतिनिधित्व देने की है।

उन्होंने सीमावर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जाट समुदाय के परिवारों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए शिक्षा, रोजगार, सिंचाई सुविधाओं, फसल नुकसान के मुआवजे और कृषि संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग की। साथ ही युवाओं के लिए बेहतर कोचिंग, करियर मार्गदर्शन और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों में पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रशासनिक संस्थानों में उचित भागीदारी की मांग भी उठाई गई।

सभा के मुख्य संरक्षक एवं पूर्व सांसद एस. तरलोक सिंह बाजवा ने समुदायों के मुद्दों के समाधान के लिए एकजुटता और सरकार के साथ लोकतांत्रिक तरीके से संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री चौधरी सुखनंदन ने किसानों की समस्याओं, सिंचाई और फसल नुकसान के मुआवजे का मुद्दा उठाया। वहीं बाहु के विधायक एवं सभा के उपाध्यक्ष चौधरी विक्रम रंधावा ने इन मांगों को उचित विधायी एवं प्रशासनिक मंचों पर उठाने की आवश्यकता बताई। बैठक में पूर्व मंत्री चौधरी गहारू राम, प्रताप चौधरी, नरेश बिट्टू, जरनैल चौधरी, जगार चौधरी, कमल रंधावा, द्वारका चौधरी, एस. मनजीत सिंह जाट, मंदीप चौधरी रंधावा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभा ने निर्णय लिया कि इन मुद्दों को उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा ताकि जाट और सिख समुदायों की लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई हो सके

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

Livevns.news Desk
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