अभिनव थिएटर में ‘संस्कृतिक यात्रा–सिंधु दर्शन महोत्सव’ ने बिखेरे रंगारंग संस्कृति के रंग

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जम्मू, 14 जून (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी (जेकेएएसीएल) ने नॉर्थ ज़ोन कल्चरल सेंटर (एनजेडसीसी), पटियाला के सहयोग से आज अभिनव थिएटर जम्मू में भव्य ‘संस्कृतिक यात्रा–सिंधु दर्शन महोत्सव’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में जम्मू पश्चिम के विधायक अरविंद गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी मनमोहक लोक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा ‘विविधता में एकता’ की भावना को सशक्त करना था।

कार्यक्रम में अतिथियों और कलाकारों का स्वागत करते हुए एनजेडसीसी, पटियाला के सहायक निदेशक रविंदर शर्मा ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन देश की विविध परंपराओं को एक मंच पर लाने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह मंच विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों को एक-दूसरे की संस्कृति को समझने और साझा करने का अवसर प्रदान करता है।

अपने संबोधन में विधायक अरविंद गुप्ता ने जेकेएएसीएल और एनजेडसीसी द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम भारत की बहुरंगी सांस्कृतिक पहचान को जन-जन तक पहुंचाने में सहायक हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को देश की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

इसी बीच जेकेएएसीएल की अतिरिक्त सचिव सोनाली अरुण गुप्ता ने कहा कि महोत्सव ने एक ही मंच पर भारत की विभिन्न लोक परंपराओं को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान किया है जिससे सांस्कृतिक सौहार्द और पारस्परिक सम्मान को बढ़ावा मिला है। सांस्कृतिक संध्या में देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाओं की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मणिपुर के कलाकारों ने ‘लैरूहबा’ नृत्य प्रस्तुत किया जबकि गुजरात के ऊर्जावान ‘डांडिया रास’ ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। महाराष्ट्र की प्रसिद्ध ‘गोंधल’ प्रस्तुति ने अपनी जीवंतता से प्रभावित किया। जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने डोगरी लोक नृत्य के माध्यम से डुग्गर संस्कृति की झलक पेश की। ओडिशा के प्राचीन ‘गोटी पुआ’ नृत्य राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध ‘कालबेलिया’ नृत्य तथा पंजाब के जोशीले ‘भांगड़ा’ ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। वहीं प्रसिद्ध लोक एवं सूफी गायक मानक अली ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से दर्शकों को आध्यात्मिक और सांगीतिक आनंद से सराबोर कर दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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