मुख्य सचिव ने एमएसएमई स्वास्थ्य क्लिनिक के कामकाज की समीक्षा की
श्रीनगर, 07 अगस्त (हि.स.)।
मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने आज जम्मू-कश्मीर एम एस एम ई स्वास्थ्य क्लिनिक के कामकाज और प्रगति का आकलन करने के लिए एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह एक डिजिटल पहल है जिसका उद्देश्य समय पर मूल्यांकन और लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की निगरानी, निदान और पुनरुद्धार करना है।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य निदेशक,जम्मू/कश्मीर, हथकरघा एवं हस्तशिल्प निदेशक कश्मीर/जम्मू और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में इस पहल के तहत हुई प्रगति, औद्योगिक इकाइयों के मूल्यांकन की स्थिति, क्षमता निर्माण उपायों और समन्वित संस्थागत सहायता के माध्यम से संकटग्रस्त उद्यमों के पुनर्वास में तेजी लाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य सचिव ने लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए सहायता तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को निर्देश दिया कि वे जिलों में कार्यरत लघु व्यवसाय विकास इकाइयों को पर्याप्त समर्पित मानव संसाधन उपलब्ध कराकर या जहां आवश्यक हो अन्य हितधारक विभागों के प्रतिनिधियों को शामिल करके उन्हें अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाएं।
उन्होंने औद्योगिक इकाइयों के पेशेवर और गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन को सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में एसबीडीयू सदस्यों के लिए आईआईएम जम्मू द्वारा नियमित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि एसबीडीयू एमएसएमई के स्वास्थ्य मूल्यांकन के बाद तैयार की गई रिपोर्टों का सक्रिय रूप से विश्लेषण करें और संकटग्रस्त इकाइयों के समय पर पुनरुद्धार को सुगम बनाने के लिए उनमें की गई सिफारिशों के कार्यान्वयन की बारीकी से निगरानी करें।
एमएसएमई के शीघ्र मूल्यांकन का आह्वान करते हुए मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों से औद्योगिक इकाइयों के भौतिक और आभासी दौरों को शामिल करते हुए एक हाइब्रिड दृष्टिकोण अपनाकर स्वास्थ्य मूल्यांकन की गति को काफी बढ़ाने को कहा।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को स्वास्थ्य क्लिनिक मूल्यांकन से प्राप्त सिफारिशों के आधार पर बीमार एमएसएमई के ऋणों के पुनर्गठन के लिए उपयुक्त तंत्रों का पता लगाने के लिए जम्मू एवं कश्मीर बैंक के साथ परामर्श करने की भी सलाह दी।
इससे पहले सूचना एवं नियंत्रण आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह ने बैठक को अवगत कराया कि एमएसएमई स्वास्थ्य क्लिनिक आर्थिक रूप से स्थिर उद्यमों और पुनर्वास की आवश्यकता वाली इकाइयों की पहचान करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है जिससे केंद्र शासित प्रदेश में औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए साक्ष्य-आधारित नीतिगत हस्तक्षेपों को सुगम बनाया जा रहा है।
उन्होंने पिछली बैठक में मुख्य सचिव द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन के बारे में भी बैठक को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एमएसएमई स्वास्थ्य क्लिनिक पोर्टल में एक इंटरैक्टिव चैटबॉट एकीकृत किया गया है जबकि इसका उन्नत संस्करण आगे सुधार के लिए आईआईएम जम्मू के साथ साझा किया गया है।
यह भी बताया गया कि जम्मू और कश्मीर दोनों मंडलों में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं और प्रशिक्षित कर्मी अब सभी बीस जिलों में स्वास्थ्य क्लिनिक संचालन में सहयोग के लिए उपलब्ध हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

