क्राइम ब्रांच ने रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के घरों में श्रीनगर और गांदरबल में की छापेमारी
श्रीनगर, 20 जुलाई (हि.स.)।
कश्मीर क्राइम ब्रांच की स्पेशल क्राइम विंग ने सोमवार को बताया कि उन्होंने श्रीनगर और गांदरबल जिलों में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई रंगदारी वसूलने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करने के बाद की गई जिसमें धोखेबाजों ने क्राइम ब्रांच और एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारी बनकर एक बुजुर्ग को धमकाया और उनसे 30 लाख रुपये से ज़्यादा की रकम वसूली।
जारी एक बयान में एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू कश्मीर क्राइम ब्रांच की स्पेशल क्राइम विंग, एफआईआर नंबर 18/2026 भारतीय न्याय संहिता की धारा 204, 319(2), 308(2), 338 और 61 के तहत दर्ज एक मामले में श्रीनगर और गांदरबल जिलों में कई जगहों पर तलाशी ली । उन्होंने बताया कि यह मामला धोखेबाजों के एक संगठित गिरोह से जुड़ा है जो क्राइम ब्रांच औरएसीबी के अधिकारी बनकर बुजुर्गों को झूठी शिकायतों और गिरफ्तारी की धमकी देते थे और उनसे पैसे वसूलते थे।
उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपी व्यक्तियों ने श्रीनगर शहर में रहने वाले एक बुजुर्ग से 30 लाख रुपये से ज़्यादा की रंगदारी वसूली है। जिन आरोपियों के घरों पर तलाशी ली है उनमें बाशिर अहमद यट्टू (वानी) पुत्र अली मोहम्मद यट्टू (वानी) निवासी मस्जिद सलमानी फारसी के पास, रंगिल, नागबल, गांदरबल, नसीर मकबूल बिचू पुत्र मोहम्मद मकबूल बिचू, निवासी गुलशन वैली होटल के पास, ख्वाजा यारबल, सैदाकदल, श्रीनगर, मुदस्सिर सादिक नजर पुत्र मोहम्मद सादिक नजर, निवासी कलाल डूरी, नैद कदल, एस.आर. गंज, श्रीनगर और मुनीर अहमद मीर पुत्र अब्दुल रशीद मीर निवासी गौसिया कॉलोनी, सेंट सोलोमन स्कूल के पास, इलाही बाग, श्रीनगर शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कहा कि क्राइम ब्रांच के स्पेशल क्राइम विंग ने लोगों से अपील की है कि वे धोखाधड़ी, जालसाज़ी, साइबर अपराध, किसी और का रूप धरने और दूसरे संगठित अपराधों जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों से सावधान रहें।
नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे गैर-कानूनी फ़ायदे के लिए बनाई गई धोखाधड़ी वाली योजनाओं, नकली दस्तावेज़ों या झूठे वादों के झांसे में न आएं। अगर किसी को ऐसी आपराधिक गतिविधियां दिखें या किसी व्यक्ति पर ऐसे अपराधों में शामिल होने का शक हो तो उनसे अनुरोध है कि वे तुरंत इसकी सूचना नज़दीकी पुलिस स्टेशन या क्राइम ब्रांच को दें।
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

