कांग्रेस एनसी की राज्य का दर्जा दिलाने की मुहिम में हुई शामिल, सभी पार्टियों से एकजुट होने की अपील की
श्रीनगर, 16 जुलाई (हि.स.)। एआईसीसी के जनरल सेक्रेटरी और जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के इंचार्ज गुलाम अहमद मीर ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस जंतर-मंतर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेगी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना लोगों का मुद्दा है और यह किसी एक राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं है।
पत्रकारों से बात करते हुए मीर ने कहा कि कांग्रेस ने 5 अगस्त 2019 को लिए गए फैसलों का लगातार विरोध किया है और हर मंच पर जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों और राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मौका होने के बावजूद मंत्री पद न लेने का फैसला किया क्योंकि उनका मानना था कि लोगों का जनादेश राज्य का दर्जा और चुनी हुई सरकार को शक्तियां बहाल करने के लिए था। उन्होंने कहा कि जब असली शक्तियां ही न हों तो मंत्री बनने का कोई मतलब नहीं है।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए मीर ने कहा कि कांग्रेस इस पहल का स्वागत करती है और कार्यक्रम में हिस्सा लेगी।
उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की और कहा कि किसी को भी एक साझा मकसद के रास्ते में अहंकार को नहीं आने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी को एकजुट होना चाहिए और राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए एक साझा आवाज़ उठानी चाहिए।
मीर ने लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण आंदोलन का भी समर्थन किया और कहा कि लद्दाख के लोगों ने बिना हिंसा का सहारा लिए लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि जो कोई भी लोगों की भलाई के लिए शांति से काम कर रहा है वह समर्थन का हकदार है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर कांग्रेस 19 जुलाई को जम्मू में एक बड़ा हमारी रियासत, हमारा हक कार्यक्रम आयोजित करेगी जिसमें पूरे केंद्र शासित प्रदेश से पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद पार्टी के चुने हुए प्रतिनिधि 20 जुलाई को नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

