कांग्रेस ने खंडवाल सिंचाई नहर की बदहाली का लगाया आरोप, हस्तक्षेप की मांग
जम्मू, 30 जून (हि.स.)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं सुचेतगढ़ के पूर्व जिला विकास परिषद (डीडीसी) सदस्य तरणजीत सिंह टोनी ने आरोप लगाया है कि खंडवाल सिंचाई नहर की लंबे समय से अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति का जायजा लेने के दौरान पाया गया कि नहर में भारी मात्रा में गाद जमा होने, समय पर सफाई नहीं होने तथा कुछ लोगों द्वारा नहर की भूमि पर अतिक्रमण किए जाने से पानी का प्रवाह पूरी तरह प्रभावित हो गया था।
टोनी ने कहा कि नहर की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसका उपयोग केवल सिंचाई के लिए होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि नहर के मार्ग पर हुए सभी अतिक्रमणों की पहचान कर उन्हें तुरंत हटाया जाए ताकि नहर को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जा सके।
टोनी के हस्तक्षेप के बाद सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता देसराज और विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया तथा नहर की तत्काल सफाई और बहाली के निर्देश जारी किए। विभाग ने आश्वासन दिया है कि बुधवार से नहर के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी जिससे धान की रोपाई की तैयारी कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस अवसर पर तरणजीत सिंह टोनी ने कहा कि यदि धान की फसल के मौसम से पहले समय पर नहर की सफाई कर दी जाती तो किसानों को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने सिंचाई ढांचे के रखरखाव के लिए आवंटित धनराशि के उपयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी पारदर्शी जांच और जवाबदेही तय की जानी चाहिए ताकि किसानों के हितों के लिए जारी संसाधनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित हो सके।
टोनी ने कहा प्रशासनिक लापरवाही, रखरखाव में देरी या नहर की जमीन पर अवैध कब्जों का खामियाजा किसानों को नहीं भुगतना चाहिए। सिंचाई कृषि की जीवनरेखा है और किसानों तक बिना किसी बाधा के पानी पहुंचाना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से पूरे क्षेत्र की सिंचाई नहरों की नियमित निगरानी, समयबद्ध सफाई और रखरखाव के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

