जो लोग आज़ादी की लड़ाई में शामिल नहीं हुए, वे हमें इतिहास नहीं सिखा सकते’: सीएम उमर

WhatsApp Channel Join Now

श्रीनगर, 23 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक स्वर्गीय शेख मोहम्मद अब्दुल्ला पर बीजेपी की टिप्पणी का जवाब दिया। उन्होंने पार्टी के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए और कहा कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास में नेशनल कॉन्फ्रेंस की भूमिका और बलिदान को मिटाया नहीं जा सकता।

श्रीनगर के एसकेआईसीसी के एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज़ादी की लड़ाई में शामिल नहीं हुए वे दूसरों को उस दौर के इतिहास के बारे में नहीं सिखा सकते।

उमर ने कहा कि जिन लोगों ने आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया वे हमें क्या सबक सिखाएंगे। आरआरएस और बीजेपी की पुरानी पार्टी आज़ादी की लड़ाई में उनकी भूमिका के बारे में सब जानते हैं। सब जानते हैं कि किसने माफ़ी मांगी और उन्होंने क्या किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास में शेख अब्दुल्ला की भूमिका जगज़ाहिर है और नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा दिए गए बलिदानों को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यहाँ 'शेर-ए-कश्मीर' की भूमिका को कोई नहीं भूल सकता।

नेशनल कॉन्फ्रेंस में जो बलिदान दिए गए, बलिदान की शुरुआत नेशनल कॉन्फ्रेंस से ही हुई थी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के राजनीतिक इतिहास से जुड़े नारे का ज़िक्र करते हुए उमर ने कहा कि हमलावर खबरदार, हम कश्मीरी हैं खबरदार—यह नारा कहाँ से आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी बीजेपी किसी खास नैरेटिव (कहानी) से सहमत नहीं होती तो वह इतिहास को अलग तरह से पेश करने की कोशिश करती है। उमर ने कहा कि अब बीजेपी की यह आदत बन गई है। जब उन्हें कोई चीज़ पसंद नहीं आती तो वे इतिहास को नए तरीके से पेश करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने इसमें भी ऐसा ही करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखना जारी रखेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

Share this story