पीएमजेएवाई-सेहत योजना के तहत 666 करोड़ के दावों को मंजूरी मिली

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जम्मू, 28 फ़रवरी (हि.स.)।

मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने आज राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की जिसमें 17 अप्रैल 2025 से शुरू हुए वर्तमान नीति चरण के तहत पीएमजेएवाई-सेहत योजना की प्रगति और प्रदर्शन की समीक्षा की गई।

बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा आयुक्त सचिव, सूचना एवं परिवहन सचिव, ग्रामीण विकास सचिव, कानून एवं विद्युत सचिव, संहिता महानिदेशक, राज्य स्वास्य्थ एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जम्मू राज्य स्वास्थ्य आयोग के प्रधानाध्यापक और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा प्राप्त फर्जी या धोखाधड़ी वाले दावों को छांटने के लिए एक मजबूत और त्रुटिरहित तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि योजना की अखंडता की रक्षा करना यह सुनिश्चित करने के लिए सर्वोपरि है कि लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।

मुख्य सचिव ने निगरानी और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए एक प्रभावी तृतीय-पक्ष निगरानी तंत्र स्थापित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्वतंत्र जांच यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि पीएमजेएवाई-सेहत योजना के तहत केवल वास्तविक दावों को ही एजेंसी द्वारा समय पर और पारदर्शी तरीके से संसाधित और वितरित किया जाए।

बैठक के दौरान प्रस्तुत विवरण के अनुसार, यह पता चला कि 17 अप्रैल, 2025 से 25 फरवरी, 2026 तक, इस नीति अवधि के तहत कुल 3,52,563 पूर्व-अनुमोदन स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 2,43,967 अनुमोदन सार्वजनिक अस्पतालों को और 1,08,596 अनुमोदन निजी अस्पतालों को दिए गए, जो दोनों क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भागीदारी को दर्शाता है।

वित्तीय दृष्टि से इस अवधि के दौरान स्वीकृत पूर्व-अनुमोदनों की कुल राशि 666.34 करोड़ है, जिसमें से 444.75 करोड़ सार्वजनिक संस्थानों और ₹221.59 करोड़ निजी अस्पतालों द्वारा स्वीकृत किए गए हैं।

शासी परिषद को यह भी बताया गया कि अब तक 3,23,468 दावे प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें से 2,21,642 दावे सार्वजनिक अस्पतालों से और 1,01,826 दावे निजी अस्पतालों से प्राप्त हुए हैं। प्रस्तुत दावों का कुल मूल्य 604.46 करोड़ है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के दावे 395.36 करोड़ और निजी क्षेत्र के दावे 209.10 करोड़ हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

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