दो सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ सरकारी भंडार सामग्री के 2.13 करोड़ रुपये के गबन और दुरुपयोग में संलिप्तता के आरोप में आरोप पत्र दाखिल

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श्रीनगर, 25 जून (हि.स.)। जम्मू कश्मीर भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को बांदीपोरा स्थित पूर्व पीएचई (हाइड्रोलिक) डिवीजन के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ सरकारी भंडार सामग्री के 2.13 करोड़ रुपये के गबन और दुरुपयोग में संलिप्तता के आरोप में आरोप पत्र दाखिल किया।

एसीबी के एक बयान के अनुसार आरोप पत्र बारामूला स्थित भ्रष्टाचार विरोधी विशेष न्यायाधीश की अदालत में तत्कालीन वरिष्ठ सहायक/भंडारपाल बशीर अहमद शेख और तत्कालीन प्रभारी कार्यकारी अभियंता मुख्तार अहमद मीर के खिलाफ प्रस्तुत किया गया। आरोपियों पर जम्मू और कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, संवत 2006 के प्रावधानों के साथ-साथ आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश के लिए धारा 409 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला वित्तीय वर्ष 2011-12 के दौरान सरकारी भंडार में खरीदे गए सामान के बड़े पैमाने पर गबन की सूचना पर आधारित था। तत्कालीन सतर्कता संगठन कश्मीर द्वारा किए गए एक खुले सत्यापन में सरकारी भंडारों में कमी और अनियमितताएं पाई गईं जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और विस्तृत जांच शुरू की गई।

जांच में पाया गया कि जीआई पाइप, यूनियन जीआई पाइप, क्यूसीसी पाइप और टीओआर स्टील (टीएमटी बार) की भारी मात्रा में बेईमानी से हेराफेरी की गई थी। प्रारंभिक सत्यापन में अनुमानित नुकसान 65.11 लाख था जबकि विस्तृत जांच में सरकारी खजाने को हुआ वास्तविक नुकसान 2,13,16,362 साबित हुआ।

एसीबी ने आगे खुलासा किया कि बशीर अहमद शेख सेवानिवृत्ति के बाद भी स्टोरकीपर के रूप में काम करते रहे और मुख्तार अहमद मीर की जानकारी और अनुमति से संभागीय भंडारों पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। जांच में सरकारी भंडारों से संबंधित जम्मू और कश्मीर वित्तीय संहिता के गंभीर उल्लंघन भी सामने आए जिनमें अनिवार्य भौतिक सत्यापन और उचित पर्यवेक्षण न करना शामिल है।

भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) के अनुसार,दोनों आरोपियों को सरकारी भंडारों की देखरेख और प्रबंधन का जिम्मा सौंपा गया था लेकिन उन्होंने आपराधिक साजिश रची, अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग किया और बेईमानी से सरकारी संपत्ति का गबन किया जिससे राज्य के खजाने को 2.13 करोड़ से अधिक का अनुचित नुकसान हुआ। आरोपियों को विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जिसने व्यक्तिगत जमानत बांड जमा करने के बाद उन्हें जमानत दे दी। मामले की अगली सुनवाई 5 सितंबर, 2026 को निर्धारित की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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