सरकारी धन के बड़े पैमाने पर गबन और अवैध नियुक्तियों के संबंध में 108 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

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श्रीनगर, 2 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में हाल के वर्षों में सामने आए सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक में कश्मीर अपराध शाखा (सीबीके) की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सुंबल विद्युत प्रभाग में सरकारी धन के बड़े पैमाने पर गबन और अवैध नियुक्तियों के संबंध में 108 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।

आरोपपत्र बारामूला स्थित भ्रष्टाचार-विरोधी विशेष न्यायाधीश की अदालत में एफआईआर संख्या 25/2018 के तहत रणबीर दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 201 और 120-बी के अंतर्गत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 5(2) के साथ प्रस्तुत किया गया है। आरोपपत्र में जिन लोगों के नाम शामिल हैं उनमें 15 कार्यकारी अभियंता, छह सहायक लेखा अधिकारी, एक लेखा सहायक, छह मुख्य सहायक, चार वरिष्ठ सहायक (जिनमें बांदीपोरा के अरगम निवासी कथित सरगना मुश्ताक अहमद मलिक भी शामिल है), चार कनिष्ठ सहायक और एक अर्दली शामिल हैं। ये सभी सुंबल विद्युत विभाग में तैनात हैं। इस मामले में जम्मू-कश्मीर बैंक की सुंबल सोनवारी शाखा के 25 अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ 46 ऐसे व्यक्तियों के नाम भी हैं जिन्हें कथित तौर पर फर्जी कर्मचारी के रूप में अवैध रूप से नियुक्त किया गया था।

जांचकर्ताओं के अनुसार विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया था। सूचना से पता चला कि आहरण एवं वितरण अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके सरकारी खातों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की और अवैध नियुक्तियों में सहायता की। जांच में सार्वजनिक धन के व्यापक गबन का खुलासा हुआ। जांच के दौरान सरगना से करोड़ों रुपये बरामद किए गए और सरकारी खजाने में जमा किए गए। जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि अर्जित ब्याज सहित बड़ी रकम आरोपी के कई बैंक खातों में जिनमें बचत खाते और सावधि जमा खाते शामिल हैं स्थानांतरित की गई थी।सरकार ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंज़ूरी दे दी है जिसके बाद न्यायिक फ़ैसले के लिए आरोपपत्र दाखिल किया गया ।

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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