केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में डीबीटी समर्थित एम.एससी. बायोटेक्नोलॉजी कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित
जम्मू, 25 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में डीबीटी समर्थित एम.एससी. बायोटेक्नोलॉजी कार्यक्रम के लिए इन-हाउस एडवाइजरी कमेटी की चौथी बैठक का आयोजन चाणक्य भवन के समिति कक्ष में किया गया। यह कार्यक्रम सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर बायोलॉजी द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसे वर्ष 2020 में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा पांच वर्षों के लिए स्वीकृति दी गई थी। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के कुलपति प्रो. संजीव जैन ने की। इस अवसर पर आईआईटी कानपुर के प्रो. अमिताभ बंद्योपाध्याय (डीबीटी-नॉमिनी), एसएमवीडीयू के पूर्व कुलपति प्रो. आर.एन.के. बामेजई, स्कॉस्ट जम्मू के प्रो. आर.के. सलगोत्रा, उद्योग विशेषज्ञ अनिल सूरी तथा स्किल विशेषज्ञ डॉ. अंकित राणा सहित सीएमबी के सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
डीबीटी कार्यक्रम समन्वयक प्रो. मुश्ताक अहमद ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस प्रतिष्ठित परियोजना के अंतर्गत छात्रों का चयन जीएटी-बी (एनटीए) के माध्यम से किया जाता है तथा प्रत्येक छात्र को दो वर्षों तक प्रतिमाह 5000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत लगभग दो करोड़ रुपये की बाह्य वित्तीय सहायता प्राप्त की गई है,जबकि अन्य एजेंसियों से कुल मिलाकर लगभग 5 करोड़ रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है। विशेषज्ञों ने परियोजना की उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसके उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते डीबीटी द्वारा इसकी अवधि 2026-28 तक बढ़ाए जाने की जानकारी दी।
बैठक में अत्याधुनिक शोध, जेनेटिक इंजीनियरिंग, माइक्रोबायोलॉजी और बायोइन्फॉर्मेटिक्स के क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने के लक्ष्य पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के निदेशक डॉ. नरेंद्र बैरवा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

