जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 2 चरणों में की जाएगी जनगणना : सीपीसीओ अमित शर्मा

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जम्मू, 02 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में सटीक और पारदर्शी डेटा सुनिश्चित करने के लिए स्व-गणना, मोबाइल-आधारित डेटा संग्रह और जीआईएस मैपिंग के साथ डिजिटल बैकबोन में दो चरणों में जनगणना की जाएगी।

मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह अभ्यास पारंपरिक तरीकों से एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है, जिसमें प्रौद्योगिकी गणना से लेकर डेटा प्रोसेसिंग तक केंद्रीय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर जनशक्ति की तैनाती होगी, जिसमें हजारों पर्यवेक्षकों और गणनाकारों को प्रशिक्षित किया जाएगा और विभिन्न क्षेत्रों में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी और एक मजबूत डिजिटल ढांचे का लाभ उठाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि नागरिकों के पास एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं-गणना का विकल्प भी होगा, जिससे प्रक्रिया अधिक समावेशी और कुशल हो जाएगी। स्व-गणना सुविधा व्यक्तियों को अपना विवरण ऑनलाइन जमा करने की अनुमति देगी, जिससे क्षेत्र का कार्यभार कम होगा और वास्तविक समय डेटा सत्यापन सक्षम होगा। शर्मा ने कहा कि घरों की सूची और गणना के लिए मोबाइल एप्लिकेशन लांच किए जाएंगे, जबकि गणना ब्लॉकों को सटीक रूप से मैप करने के लिए सैटेलाइट इमेजरी और जीआईएस टूल का उपयोग किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि डेटा कैप्चर से लेकर भंडारण तक प्रौद्योगिकी एकीकरण से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। सुरक्षित डेटा केंद्र विश्वसनीयता और गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए प्रसंस्करण को संभालेंगे। उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक विश्वास बनाने और व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए संवैधानिक अधिकारियों सहित वरिष्ठ सरकारी पदाधिकारियों से स्व-गणना में भाग लेने की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना नीति निर्माण और कल्याणकारी योजनाओं के लक्षित वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फील्ड स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और जन जागरूकता अभियान चल रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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