भाजपा ने हीरानगर में शहीद भीखम सिंह और बिहारी लाल को उनकी शहादत के दिन श्रद्धांजलि अर्पित की
जम्मू, 11 जनवरी (हि.स.)।
11 जनवरी 1953 को एक विधान, एक निशान, एक प्रधान की मांग को लेकर हुए ऐतिहासिक आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले भीखम सिंह और बिहारी लाल के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए जम्मू-कश्मीर भाजपा ने अपने अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सत शर्मा सी.ए. के नेतृत्व में वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ हीरानगर स्थित स्मारक स्थल पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
परागण करते हुए सत शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि हीरानगर के इन वीर सपूतों के बलिदान ने जम्मू-कश्मीर को एक संविधान, ध्वज और नेतृत्व के तहत शेष भारत के साथ पूर्ण रूप से एकीकृत करने के आंदोलन को और तीव्र करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने याद किया कि कैसे शहीद भीखम सिंह और बिहारी लाल ने निडर होकर सभी खतरों का सामना किया और पुलिस की गोलीबारी के बीच राष्ट्रीय तिरंगे की गरिमा को बनाए रखने के लिए राष्ट्र की एकता और संवैधानिक एकीकरण के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
सत शर्मा ने कहा कि 1953 का प्रजा परिषद आंदोलन, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान के नारे के तहत, पूरे क्षेत्र में देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित करने में सहायक रहा।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन शहीदों के साहस और सर्वोच्च बलिदान ने ही आने वाली पीढ़ियों को पूर्ण राष्ट्रवाद के लिए प्रयास करने की नींव रखी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

