एनसी की सरकार लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट की सबसे बड़ी दुश्मन है : बीजेपी विधायक पठानिया

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उधमपुर, 21 अगस्त (हि.स.)।

उधमपुर ईस्ट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने शुक्रवार को उमर अब्दुल्ला की सरकार पर पंचायत और अर्बन लोकल बॉडी चुनावों में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने एनसी और कांग्रेस को जम्मू-कश्मीर में लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट की सबसे बड़ी दुश्मन बताया। पठानिया ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को मज़बूत लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट की ज़रूरत है। लोकल बॉडी चुनावों में देरी को लेकर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों को अपना रुख साफ़ करना चाहिए।

उन्होंने पूछा कि आज लद्दाख ने अपने लोकल बॉडी चुनावों की घोषणा कर दी है। जम्मू-कश्मीर को किस चीज़ ने रोका है, क्या रुकावट है। पठानिया ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट की सबसे बड़ी दुश्मन नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस हैं। वे चाहते हैं कि लोग छोटी-मोटी नाली, गली, पाइप या सड़क के लिए परेशान हों और उनके पास आएं। उन्होंने कहा कि पंचायत और यूएलबी चुनावों में देरी आने वाले सेशन में बीजेपी के लिए एक बड़ा मुद्दा होगा।

पठानिया ने कहा कि यह एक ऐसी सरकार है जिसकी कोई प्रतिबद्धता, कोई दिशा या विकास की कोई सोच नहीं है। हम इसे बेनकाब करेंगे और इसका विरोध करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर ज़मीनी स्तर पर न दिखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हम मानते हैं और स्वीकार करते हैं कि उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के चुने हुए मुख्यमंत्री हैं। लेकिन ज़मीनी स्तर पर वे दिखाई नहीं देते। उनकी सरकार बिखरी हुई है। पठानिया ने सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर की जनता से अपने घोषणापत्र में किए गए वादों और विधानसभा में किए गए वादों को पूरा नहीं कर रही है। नौकरियों के मामले में पठानिया ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक लाख नौकरियां देने का वादा किया था। मान लीजिए कि उन्होंने 25,000 नौकरियां दीं भी लेकिन विडंबना और दोमुंहापन यह है कि उन्होंने ये नौकरियां 'बैक डोर' से अपने ही लोगों और चहेतों को दीं।

आउटसोर्सिंग के नाम पर उन्होंने अलग-अलग विभागों में अपने कर्मचारियों, अपने लोगों और अपने समर्थकों को तैनात किया है। उन्होंने सरकार पर ट्रांसफर इंडस्ट्री (तबादलों का धंधा) चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर आप पीडब्लूडी और दूसरे विभागों में तबादलों को देखें तो उनमें कोई तर्क या नियम नज़र नहीं आता। लोगों का तबादला दो महीने के भीतर ही कर दिया जाता है जबकि जिन्होंने आठ साल पूरे कर लिए हैं उन्हें नहीं छेड़ा जाता।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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