जम्मू-कश्मीर भाजपा ने ग्राम रक्षा गार्डों (वीडीजी) सेल की बैठक आयोजित की

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जम्मू, 26 फ़रवरी (हि.स.)।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जम्मू-कश्मीर ने ग्राम रक्षा गार्डों (वीडीजी) के कल्याण, वेतन और सेवा शर्तों पर विचार-विमर्श करने के लिए जम्मू के त्रिकुटा नगर स्थित पार्टी मुख्यालय में अपने वीडीजी सेल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। जम्मू-कश्मीर भाजपा के महासचिव बलदेव सिंह बिलवारिया, मीडिया प्रभारी डॉ. प्रदीप महोत्रा, सभी प्रकोष्ठों के प्रभारी वेद शर्मा, सभी प्रकोष्ठों के सह-प्रभारी मुनीश खजूरिया, भाजपा वीडीजी सेल के राज्य संयोजक बसंत राज ठाकुर और राज्य सह-संयोजक रमेश कटोच और हरिंदर सिंह ने बैठक को संबोधित किया।

बैठक में वीडीजी सेल के राज्य कार्यकारिणी सदस्य जिला संयोजक और सह-संयोजक भी उपस्थित थे। सभा को संबोधित करते हुए बलदेव सिंह बिलवारिया ने वीडीजी के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर की सुरक्षा की रीढ़ बताया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा हमेशा राष्ट्रवादी ताकतों और राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा करने वाले अग्रिम पंक्ति के रक्षकों के साथ मजबूती से खड़ी रही है। ग्राम रक्षा कर्मियों (वीडीजी) को देशभक्त प्रहरी बताते हुए जो अपने गांवों की रक्षा व्यक्तिगत जोखिम उठाकर करते हैं उन्होंने आश्वासन दिया कि पार्टी सरकार के समक्ष उनकी जायज मांगों को मजबूती से रखेगी। उन्होंने पुष्टि की कि भाजपा जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद मुक्त और सुरक्षित बनाने के मिशन में वीडीजी को महत्वपूर्ण भागीदार मानती है।

डॉ. प्रदीप महोत्रा ने वीडीजी को ग्राम स्तर पर रक्षा की पहली पंक्ति बताया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आतंकवादी हमलों के दौरान वीडीजी तत्काल ढाल का काम करते हैं जिससे पुलिस बीएसएफ या सेना के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले महत्वपूर्ण समय मिल जाता है। उन्होंने कहा कि उनके समय पर किए गए प्रतिरोध के कारण हजारों जानें बचाई गई हैं, जिसने बार-बार आतंकवादियों और उनके संप्रेषकों की योजनाओं को विफल किया है।

वेद शर्मा ने कहा कि यह सेल वीडीजी सदस्यों और सरकार के बीच एक सुव्यवस्थित सेतु का काम करता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वीडीजी सेल वीडीजी समुदाय को प्रभावित करने वाली नीतिगत कमियों, कल्याणकारी चिंताओं और सेवा संबंधी मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से काम करना जारी रखेगा। मुनीश खजूरिया ने इस बात पर जोर दिया कि ग्राम रक्षा प्रकोष्ठ (वीडीजी सेल) केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि एक कार्यात्मक और उत्तरदायी मंच है जो वीडीजी सदस्यों के कल्याण के लिए निरंतर जुड़ाव, अनुवर्ती कार्रवाई और वकालत सुनिश्चित करता है। वीडीजी सदस्यों की ओर से बोलते हुए बसंत राज ठाकुर ने प्रमुख मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि वीडीजी सदस्यों को वर्तमान में 4,000 का मासिक मानदेय मिलता है जो घोर अपर्याप्त और अनुचित है, खासकर तब जब इसके कारण बीपीएल राशन कार्ड या जॉब कार्ड जब्त किए जाते हैं। चूंकि अधिकांश वीडीजी सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आते हैं, इसलिए इन लाभों की वापसी से उन्हें गंभीर कठिनाई होती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

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