बीजेपी ने 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन को टालने का फ़ैसला किया है : सुनील शर्मा
श्रीनगर, 19 जुलाई (हि.स)। विधानसभा में विपक्ष के नेता व प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा ने रविवार को कहा कि राजनीति बाद में हो सकती है और इंसानियत सबसे पहले आनी चाहिए। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में 20 जुलाई को होने वाले अपने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को टालने का फ़ैसला किया है क्योंकि पुंछ और राजौरी ज़िलों में अचानक आई बाढ़ से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि पार्टी ने कल होने वाले विरोध प्रदर्शन को टालने का फ़ैसला किया है। यह प्रदर्शन घंटा घर, लाल चौक से शुरू होकर सिविल सचिवालय पर खत्म होना था लेकिन मौजूदा हालात में राजनीतिक गतिविधियों के बजाय मानवीय मदद की ज़रूरत है।
शर्मा ने कहा कि यह राजनीतिक टकराव का समय नहीं है और सभी राजनीतिक दलों को प्रभावित लोगों की मदद के लिए एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति बाद में हो सकती है। इस समय इंसानियत सबसे पहले है और हर राजनीतिक दल को पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी का केंद्रीय और जम्मू कश्मीर नेतृत्व साथ ही पार्टी कार्यकर्ता इस त्रासदी से बहुत दुखी हैं और उन्होंने विरोध प्रदर्शन करने के बजाय प्रभावित लोगों के साथ खड़े होने का संकल्प लिया है।
शर्मा ने कहा कि एक ज़िम्मेदार राजनीतिक पार्टी के तौर पर हमने विरोध प्रदर्शन को टालने का फ़ैसला किया है। यह राजनीति का समय नहीं है जब लोग दुख में हैं और मदद की उम्मीद कर रहे हैं। इस समय विरोध प्रदर्शन करने से प्रशासन के बचाव कार्यों में भी बाधा आएगी। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन को सिर्फ़ टाला गया है रद्द नहीं किया गया है और हालात सामान्य होने के बाद नई तारीख़ का ऐलान किया जाएगा।
शर्मा ने कहा कि बीजेपी की टीमें पीड़ितों की मदद करने और आपदा से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के लिए तुरंत पुंछ के लिए रवाना होंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हालात पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और उन्होंने ज़मीनी स्थिति का जायज़ा लेने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात की है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी को प्रभावित इलाकों का दौरा करने, हालात का जायजा लेने और ज़मीनी हकीकत की जानकारी केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार तक पहुंचाने का निर्देश भी दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

