नशा मुक्त समाज के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार-जीडीसी बसोहली
कठुआ/बसोहली, 13 मई (हि.स.)। नशा मुक्त भारत अभियान 2026 के तहत गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज बसोहली में जागरूकता व्याख्यान एवं सिग्नेचर अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और एक स्वस्थ व नशा मुक्त समाज को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजकिरण शर्मा द्वारा एक जागरूकता व्याख्यान से हुई। उन्होंने जनगणना 2027 के लिए कॉलेज में चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण में शामिल फील्ड ट्रेनर्स, एन्यूमरेटर और सुपरवाइजरों को संबोधित करते हुए नशे की बढ़ती समस्या को सामाजिक और स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत के निर्माण में शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और समाज की साझा जिम्मेदारी है। प्रो. शर्मा ने जनगणना अधिकारियों से अपील की कि वे केवल अपने दायित्व तक सीमित न रहकर समाज में जागरूकता के दूत के रूप में भी कार्य करें।
उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों, जागरूकता, रोकथाम, पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए शपथ ली और सिग्नेचर अभियान में भाग लेकर इस संकल्प को दोहराया। यह पूरा कार्यक्रम एनएमबीए कमेटी की संयोजक डॉ. रविंदर कौर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. इरविंदर कौर, डॉ. वीरेंद्र सिंह, प्रो. राजेश कुमार, रोशन लाल शर्मा, डॉ. वैष्णो देवी, प्रो. विशाल शर्मा, प्रो. दविंदर कुमार, प्रो. मेगा शर्मा और डॉ. निखिल भारती सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने युवाओं और समाज को यह संदेश दिया कि नशे के खिलाफ जागरूकता और सामूहिक प्रयास ही एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

