अशोक कौल ने भाजपा परिवहन प्रकोष्ठ की बैठक की अध्यक्षता की
जम्मू, 05 मार्च (हि.स.)।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के परिवहन प्रकोष्ठ की बैठक जम्मू के त्रिकुटा नगर स्थित पार्टी मुख्यालय में महासचिव (संगठन) अशोक कौल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जम्मू-कश्मीर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि और परिवहन किराए में बढ़ोतरी से संबंधित हालिया प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
बैठक में जम्मू-कश्मीर भाजपा उपाध्यक्ष राजीव चरक, जम्मू-पूर्व के विधायक युद्धवीर सेठी, भाजपा के सभी प्रकोष्ठों के प्रभारी वेद शर्मा, प्रवक्ता अभिजीत जसरोतिया, सभी प्रकोष्ठों के सह-प्रभारी मुनीश खजूरिया, परिवहन प्रकोष्ठ संयोजक आशुतोष शर्मा और सह-संयोजक रोशन लाल और कमलजीत सिंह सहित अन्य पार्टी नेताओं ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए अशोक कौल ने उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पेश किए गए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय आम नागरिकों को सीधे प्रभावित करते हैं और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा आम आदमी के साथ खड़ी रही है और जनता पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डालने वाली नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बढ़ोतरी से अंततः रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की महंगाई बढ़ेगी जो अस्वीकार्य है।
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी सरकार पर इस फैसले पर पुनर्विचार करने का दबाव बनाने के लिए आने वाले दिनों में राज्य और जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। राजीव चरक ने इस अवसर पर बोलते हुए परिवहन किराए में लगभग 18 प्रतिशत की वृद्धि के फैसले को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे उपाय पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे आम नागरिकों की जेब पर और बोझ डालेंगे। युद्धवीर सेठी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में वर्तमान सरकार के सत्ता संभालने के बाद यह दूसरी बार है जब इस क्षेत्र में जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला गया है। उन्होंने जोर दिया कि भाजपा एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में ऐसे जनविरोधी फैसलों का कड़ा विरोध करेगी और आम जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। वेद शर्मा ने भी प्रस्तावित बढ़ोतरी के दैनिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि परिवहन किराए में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में सीधा इजाफा होगा जिससे हर घर प्रभावित होगा। बैठक के दौरान परिवहन प्रकोष्ठ ने वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ प्रस्तावित किराया वृद्धि और ईंधन की कीमतों में वृद्धि का विरोध करने के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की। यह भी तय किया गया कि जनता की चिंताओं को उजागर करते हुए एक औपचारिक ज्ञापन उचित माध्यमों से सरकार को सौंपा जाएगा, साथ ही इस मुद्दे को उठाने के लिए विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

