अशोक भान ने कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की सम्मानजनक वापसी का किया आह्वान
श्रीनगर, 2 जून (हि.स.)। कश्मीर नीति एवं रणनीति समूह के अध्यक्ष अशोक भान ने ज़ेठ अष्टमी के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कश्मीर में सह-अस्तित्व की भावना को संरक्षित करने के महत्व पर बल देते हुए शांति और कश्मीरी पंडितों की सम्मानजनक वापसी का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ज़ेठ अष्टमी के पवित्र अवसर पर मैं विश्वभर में रहने वाले कश्मीरी पंडितों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। यह शुभ दिन जो पूजनीय खीर भवानी मंदिर में माता रागन्या देवी की पूजा के लिए समर्पित है, आस्था, भक्ति और कश्मीर की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत का उत्सव है। यह हमारी सामूहिक स्मृतियों को ताजा करता है और उस भूमि के साथ हमारे बंधन को मजबूत करता है जिसने सभी समुदायों से संबंधित कश्मीरियों की पीढ़ियों का पालन-पोषण किया है। कश्मीर नीति एवं रणनीति समूह कश्मीर में रहने वाले मुस्लिम, सिख और अन्य भाइयों के प्रति गहरी सराहना और कृतज्ञता व्यक्त करता है जो इस पवित्र अवसर पर अपनी मातृभूमि आने वाले कश्मीरी पंडितों का गर्मजोशी, स्नेह और भावनात्मक स्वागत करते हैं। प्रेम और सद्भावना के ऐसे भाव आपसी सम्मान, सहअस्तित्व और साझा सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित सभ्यतागत लोकाचार की चिरस्थायी भावना को पुनः स्थापित करते हैं।
ये आशा जगाते हैं कि अतीत के घावों को समझ, करुणा और सुलह के माध्यम से भरा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आइए हम सब मिलकर जम्मू और कश्मीर में स्थायी शांति, सद्भाव और समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। यह ज़ेठ अष्टमी निर्वासित कश्मीरी पंडितों की उनकी पैतृक भूमि में गरिमापूर्ण वापसी, पुनर्वास और पुनर्एकीकरण के संकल्प को और मजबूत करे। आइए हम सब मिलकर कश्मीर की समावेशी महिमा को पुनर्जीवित करने, इसके सभ्यतागत लोकाचार को पुनर्स्थापित करने और एक ऐसे भविष्य का निर्माण करने के लिए काम करें जहाँ प्रत्येक कश्मीरी गरिमा, सुरक्षा और अपनेपन की भावना के साथ जीवन यापन कर सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

