भारतीय सेना के डॉक्टर की तीव्र कार्रवाई ने सुरनकोट में एक युवा लड़की को बचाया

जम्मू, 16 मई (हि.स.)। त्वरित कार्रवाई और चिकित्सा विशेषज्ञता के सराहनीय प्रदर्शन में भारतीय सेना के एक डॉक्टर ने 12 वर्षीय लड़की, उज़्मा शब्बीर को तत्काल और महत्वपूर्ण चिकित्सा सहायता प्रदान की, जिसके हाथ में घास काटने के दौरान गंभीर चोट लग गई थी। यह घटना तब घटी जब शब्बीर मशीन के साथ काम कर रही थी और उसे गहरी और संभावित रूप से जीवन के लिए खतरा पैदा हो गया। स्थिति की तात्कालिकता को समझते हुए उसके परिवार ने उसे पुंछ जिले के दाराबा में निकटतम भारतीय सेना चौकी पर ले जाया गया।

उनके आगमन पर सेना के डॉक्टर ने तुरंत चोट की गंभीरता का आकलन किया और तुरंत उपचार शुरू किया। डॉक्टर ने व्यापक घाव को संबोधित करने के लिए टांके लगाने और त्वचा ग्राफ्टिंग प्रक्रियाएं कीं जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि हेमोस्टेसिस तुरंत प्राप्त हो सके। इस त्वरित प्रतिक्रिया ने न केवल आगे की जटिलताओं को रोका बल्कि डॉक्टर के उल्लेखनीय समर्पण और कौशल को भी प्रदर्शित किया।

स्थानीय समुदाय ने भारतीय सेना और इसमें शामिल चिकित्सा कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनके समय पर हस्तक्षेप और कुशल देखभाल ने युवा लड़की की स्थिति को स्थिर करने और उसकी रिकवरी को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह घटना अपने सैन्य कर्तव्यों से परे आवश्यक सेवाएं प्रदान करने, जरूरत के समय स्थानीय आबादी की भलाई और सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करने में भारतीय सेना की अमूल्य भूमिका पर प्रकाश डालती है।

हिन्दुस्थान समाचार/राहुल/बलवान

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