हीरानगर मोड़ पर अतिक्रमण हटाओ अभियान से हंगामा, रेडी-फड़ी वालों का विरोध, पुलिस ने संभाला मोर्चा

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हीरानगर मोड़ पर अतिक्रमण हटाओ अभियान से हंगामा, रेडी-फड़ी वालों का विरोध, पुलिस ने संभाला मोर्चा


कठुआ, 03 मार्च (हि.स.)। जिला कठुआ की हीरानगर तहसील में मंगलवार को म्यूनिसिपल कमेटी द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए जाने पर हीरानगर मोड़ (राष्ट्रीय राजमार्ग) पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। जैसे ही टीम ने सड़क किनारे लगी रेडी-फड़ियों को हटाना शुरू किया, स्थानीय रेहड़ी-फड़ी वालों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच हल्की धक्का-मुक्की की घटना भी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।

रेहड़ी-फड़ी संचालकों का कहना है कि उन्हें बिना पूर्व नोटिस के हटाया गया। उनका आरोप है कि पहले से ही बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है, ऐसे में पढ़े-लिखे युवा स्वरोजगार के तौर पर रेडी लगाकर आजीविका चला रहे हैं, लेकिन म्यूनिसिपल कमेटी की कार्रवाई से उनका रोजगार खतरे में पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों ने दावा किया कि म्यूनिसिपल कमेटी द्वारा कई लोगों को लाइसेंस जारी किए गए हैं तथा उनसे प्रतिदिन करीब 50 रुपये की पर्ची के रूप में शुल्क भी लिया जाता है। ऐसे में कार्रवाई को उन्होंने दोहरी नीति करार दिया। उनका कहना था कि यदि लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं और रेवेन्यू वसूला जा रहा है, तो फिर हटाने की कार्रवाई क्यों?

मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार टीम ने अभियान के दौरान एक-दो अवैध ढांचे हटाए भी। हालांकि बढ़ते विरोध और हंगामे के चलते बाद में अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिले के अन्य हिस्सों में बाहरी राज्यों से आए लोग खुलेआम नारियल पानी, फल-सब्जी आदि की रेडियां लगा रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के वे स्वयं भी खिलाफ हैं, लेकिन नियम सब पर समान रूप से लागू होने चाहिए। स्थानीय लोगों ने मांग की कि म्यूनिसिपल कमेटी स्पष्ट नीति सार्वजनिक करे, यदि रेडी-फड़ी वालों को लाइसेंस दिए गए हैं, तो उनके लिए निर्धारित स्थान चिन्हित किए जाएं अन्यथा पहले से सूचना देकर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि आजीविका प्रभावित न हो। फिलहाल स्थिति सामान्य है और प्रशासन की ओर से आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।

कठुआ/हीरानगर, 03 मार्च (हि.स.)। जिला कठुआ की हीरानगर तहसील में मंगलवार को म्यूनिसिपल कमेटी द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए जाने पर हीरानगर मोड़ (राष्ट्रीय राजमार्ग) पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। जैसे ही टीम ने सड़क किनारे लगी रेडी-फड़ियों को हटाना शुरू किया, स्थानीय रेहड़ी-फड़ी वालों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच हल्की धक्का-मुक्की की घटना भी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।

रेहड़ी-फड़ी संचालकों का कहना है कि उन्हें बिना पूर्व नोटिस के हटाया गया। उनका आरोप है कि पहले से ही बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है, ऐसे में पढ़े-लिखे युवा स्वरोजगार के तौर पर रेडी लगाकर आजीविका चला रहे हैं, लेकिन म्यूनिसिपल कमेटी की कार्रवाई से उनका रोजगार खतरे में पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों ने दावा किया कि म्यूनिसिपल कमेटी द्वारा कई लोगों को लाइसेंस जारी किए गए हैं तथा उनसे प्रतिदिन करीब 50 रुपये की पर्ची के रूप में शुल्क भी लिया जाता है। ऐसे में कार्रवाई को उन्होंने दोहरी नीति करार दिया। उनका कहना था कि यदि लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं और रेवेन्यू वसूला जा रहा है, तो फिर हटाने की कार्रवाई क्यों?

मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार टीम ने अभियान के दौरान एक-दो अवैध ढांचे हटाए भी। हालांकि बढ़ते विरोध और हंगामे के चलते बाद में अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिले के अन्य हिस्सों में बाहरी राज्यों से आए लोग खुलेआम नारियल पानी, फल-सब्जी आदि की रेडियां लगा रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के वे स्वयं भी खिलाफ हैं, लेकिन नियम सब पर समान रूप से लागू होने चाहिए। स्थानीय लोगों ने मांग की कि म्यूनिसिपल कमेटी स्पष्ट नीति सार्वजनिक करे, यदि रेडी-फड़ी वालों को लाइसेंस दिए गए हैं, तो उनके लिए निर्धारित स्थान चिन्हित किए जाएं अन्यथा पहले से सूचना देकर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि आजीविका प्रभावित न हो। फिलहाल स्थिति सामान्य है और प्रशासन की ओर से आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

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