वायुसेना का कन्याकुमारी-कारगिल साइकिलिंग अभियान जम्मू से उधमपुर के लिए रवाना

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जम्मू, 28 सितंबर(हि.स.)। कन्याकुमारी से कारगिल तक भारतीय वायु सेना का साइकिल अभियान सोमवार को जम्मू पहुँचने के बाद उधमपुर की ओर बढ़ा। यह अभियान 1999 के कारगिल युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया जा रहा है। भारतीय वायु सेना (भारतीय वायु सेना) की 94वीं वर्षगांठ के जश्न के हिस्से के तौर पर तीन चरणों में हो रहे इस अभियान का आखिरी चरण 22 सितंबर को नई दिल्ली में नेशनल वॉर मेमोरियल से शुरू हुआ और यह कारगिल वॉर मेमोरियल पर खत्म होगा।

टीम लीडर ग्रुप कैप्टन एके सिंह ने यहाँ पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 सदस्यों वाली टीम जम्मू में तवी ब्रिज के पास महाराजा हरि सिंह चौक से उधमपुर के लिए रवाना हुई। सिंह ने कहा यह वायु सेना का कन्याकुमारी से कारगिल तक का साइकिल अभियान था जिसे तीन चरणों में बांटा गया था। पहले दो चरण पूरे हो चुके हैं और अभी हम तीसरे चरण में हैं।

उन्होंने कहा कि हमने 22 सितंबर को दिल्ली से शुरुआत की थी। हमारा मकसद 8 अक्टूबर को कारगिल वॉर मेमोरियल पहुँचकर अपने बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देना है जो वायु सेना दिवस की 94वीं वर्षगांठ का मौका भी है।

सिंह ने कहा कि इस अभियान का मकसद युवा पीढ़ी से जुड़ना और वायु सेना की भूमिका और कामकाज के बारे में जागरूकता फैलाना भी है।

उन्होंने कहा कि इसका मुख्य मकसद है युवा पीढ़ी से जुड़ना उन्हें हमारी वायु सेना के कामकाज और तौर-तरीकों के बारे में बताना और उन्हें हमारी रक्षा सेनाओं में शामिल होने के लिए प्रेरित करना। सिंह ने आगे कहा कि इस तरह की बातचीत से उन्हें प्रेरणा और जानकारी मिलती है और वे हमारी नियमित ड्यूटी के अलावा किए जाने वाले कामों को समझ पाते हैं। उन्होंने बताया कि राइडर्स ने रविवार सुबह 7 बजे पठानकोट से अपनी यात्रा शुरू की, रविवार रात जम्मू पहुँचे और आज उधमपुर की ओर बढ़ गए। रास्ते में आने वाली चुनौतियों के बावजूद यह टीम साहस, बलिदान और सेवा जैसे सशस्त्र बलों के मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए कारगिल युद्ध स्मारक की ओर अपनी दृढ़ यात्रा जारी रखे हुए है। यह अभियान उन बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया जा रहा है जिन्होंने 1999 के कारगिल संघर्ष के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

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