एम्स जम्मू ने कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की

WhatsApp Channel Join Now

सांबा, 27 जून (हि.स.)। एम्स जम्मू ने कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने बताया कि उसने स्टेज दो वल्वर कैंसर से पीड़ित 26 वर्षीय महिला पर जम्मू और कश्मीर में पहली बार इंटरस्टिशियल ब्रैकीथेरेपी प्रक्रिया सफलतापूर्वक की है। वल्वर कैंसर एक दुर्लभ स्त्री रोग संबंधी कैंसर है जो सभी स्त्री रोग संबंधी कैंसरों का केवल चार प्रतिशत है और विशेष रूप से युवा रोगियों में यह बहुत कम पाया जाता है।

एम्स जम्मू ने एक बयान में कहा कि प्रसूति एवं स्त्री रोग, विकिरण ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडियोडायग्नोसिस और पैथोलॉजी विभागों के विशेषज्ञों वाली एक बहु-विषयक ट्यूमर बोर्ड द्वारा इस मामले की गहन समीक्षा की गई ताकि एक व्यक्तिगत उपचार रणनीति तैयार की जा सके। इसमें कहा गया है कि इंटरस्टिशियल ब्रैकीथेरेपी प्रक्रिया को एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) डी एन शर्मा के नेतृत्व में विकिरण ऑन्कोलॉजी विभाग द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

संस्थान ने बताया कि यह अत्यंत विशिष्ट तकनीक विकिरण को सीधे ट्यूमर में सटीक रूप से पहुंचाने की अनुमति देती है जिससे उपचार की प्रभावशीलता अधिकतम होती है और आसपास के स्वस्थ ऊतकों पर विकिरण का प्रभाव न्यूनतम होता है। संस्थान ने कहा कि इस पद्धति का एक महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इससे रोगी को अंग-विच्छेदन वाली शल्य चिकित्सा से बचाया जा सकता है जो विशेष रूप से युवा महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। अंगों को संरक्षित करने वाला यह उपचार रोगी के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए रोग पर उत्कृष्ट नियंत्रण की संभावना प्रदान करता है।

प्रोफेसर शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि यह ऐतिहासिक प्रक्रिया इस क्षेत्र में उन्नत, अंग-संरक्षण कैंसर उपचार पद्धतियों को शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बयान में कहा गया है कि यह उपलब्धि एम्स जम्मू की अत्याधुनिक ऑन्कोलॉजी सेवाएं प्रदान करने और यह सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है कि जम्मू और कश्मीर के रोगियों को केंद्र शासित प्रदेश के भीतर ही नवीनतम कैंसर उपचार विकल्पों तक पहुंच प्राप्त हो।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

Share this story