एम्स अवंतीपोरा में जल्द ही एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी, सकीना इट्टू

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श्रीनगर, 05 नवंबर(हि.स.)। जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने गुरुवार को कहा कि दक्षिण कश्मीर के एम्स अवंतीपोरा में जल्द ही एमबीबीएस की 100 सीटें उपलब्ध होने की उम्मीद है। यह केंद्र शासित प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री इटू ने यह घोषणा तब की जब वे पुलवामा जिले में स्थित संस्थान के दौरे पर आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ थीं।

वहां नड्डा ने संस्थान की प्रगति का जायजा लिया। मंत्री सकीना इटू ने बताया कि नड्डा ने संकेत दिया है कि जल्द ही एमबीबीएस की 100 सीटें उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संस्थान जल्द से जल्द पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा।

उन्होंने कहा कि एम्स अवंतीपोरा के शुरू होने से विशेष स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच बेहतर होगी जिसका सबसे ज्यादा फायदा दक्षिण कश्मीर के मरीजों को मिलेगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि संस्थान को जल्द से जल्द काम करना शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पिछले दो वर्षों में कई बार इस संस्थान का दौरा किया है और मैंने भी इसकी प्रगति की समीक्षा की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह जल्द से जल्द काम करना शुरू कर दे।

मंत्री ने कहा कि यह संस्थान मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाने और लोगों को विशेष इलाज के लिए जम्मू-कश्मीर से बाहर जाने की जरूरत को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।

दौरे के दौरान मंत्री इत्तू ने नड्डा से यह भी आग्रह किया कि वे सोपोर के रहने वाले एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्र अदनान अहमद राथर के पार्थिव शरीर को वापस लाने में मदद करें। अदनान की बांग्लादेश में मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने छात्र के दस्तावेज और संपर्क विवरण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को सौंप दिए हैं और उनसे अनुरोध किया है कि वे इस मामले को संबंधित मंत्रालय के सामने उठाएं।

मंत्री इत्तू ने कहा कि परिवार बहुत दुखी है और उनकी मां सदमे में हैं। मैंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया है कि वे सुनिश्चित करें कि छात्र का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द वापस लाया जाए। उन्होंने आगे बताया कि नड्डा ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे संबंधित मंत्रालय से बात करेंगे और छात्र के पार्थिव शरीर को उसके परिवार तक वापस लाने में मदद करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

Livevns.news Desk
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