एसीबी ने श्रीनगर तहसील ऑफिस के क्लर्क को हिरासत का रिकॉर्ड मिटाने के लिए 2,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा
श्रीनगर, 3 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को श्रीनगर के सेंट्रल शाल्टेंग तहसील कार्यालय के एक क्लर्क को एक शिकायतकर्ता से सरकारी रजिस्टरों से उसकी हिरासत का रिकॉर्ड मिटाने के बदले में 2,000 रुपये की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया।
जारी एक बयान के अनुसार जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो को एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि श्रीनगर के सेंट्रल शाल्टेंग तहसील कार्यालय के प्रथम श्रेणी कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश पर निवारक कार्रवाई (धारा 126/170 बीएनएसएस के तहत) के तहत हिरासत में लिए जाने के बाद उक्त कार्यालय में तैनात एक क्लर्क लायक अहमद नाथ ने शिकायतकर्ता के हिरासत रिकॉर्ड को सरकारी रजिस्टरों से मिटाने के बदले में 2,000 रुपये की अवैध रिश्वत की मांग की। बयान में कहा गया है कि रिश्वत देने से इनकार करने वाले शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) श्रीनगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी लोक सेवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है।
शिकायत प्राप्त होने पर गोपनीय सत्यापन किया गया जिससे आरोपी लोक सेवक द्वारा रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। तदनुसार पुलिस स्टेशन एसीबी श्रीनगर में केस एफआईआर संख्या 01/2026 धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। बयान में कहा गया है, ‘जांच के दौरान एक जाल बिछाकर आरोपी क्लर्क लायक अहमद नाथ निवासी कमरवारी, श्रीनगर को शिकायतकर्ता से 2,000 रुपये की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।’ बयान में आगे कहा गया है कि सभी आवश्यक चिकित्सा-कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आरोपी लोक सेवक को हिरासत में ले लिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

