एसीबी ने रिश्वतखोरी मामले में सोपोर स्थित पूर्व पीडब्ल्यूडी एईई के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया

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श्रीनगर, 21 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने ठेकेदार के बिल की प्रक्रिया के लिए 25,000 रुपये की रिश्वत मांगने और लेने के मामले में तत्कालीन सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) पीडब्ल्यूडी (आर एंड बी), सोपोर के खिलाफ बारामूला के विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार विरोधी न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोपी को कथित तौर पर अक्टूबर 2024 में एसीबी द्वारा बिछाए गए जाल में रंगे हाथों पकड़ा गया था। मामला फिलहाल अदालत में लंबित है और अगली सुनवाई 6 जून को निर्धारित है।

एक प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने बिलों के भुगतान की प्रक्रिया के लिए ठेकेदार से अवैध रिश्वत मांगने और लेने के मामले में तत्कालीन सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई), पीडब्ल्यूडी (आर एंड बी) डिवीजन सोपोर मुबारक अहमद गनई के खिलाफ बारामूला के विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार विरोधी न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि यह मामला ठेकेदार की शिकायत से शुरू हुआ जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने सरकारी डिग्री कॉलेज सोपोर में एक कक्षा व्याख्यान ब्लॉक के निर्माण से संबंधित 28.27 लाख रुपये के बिल को संसाधित करने के लिए 2% की रिश्वत की मांग की थी। गोपनीय जांच में आरोपों की पुष्टि हुई जिसके बाद भ्रष्टाचार निवारणn अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया और जाल बिछाया गया।

प्रवक्ता ने कहा कि 16.10.2024 को आरोपी मुबारक अहमद गनई एईई को शिकायतकर्ता से 25,000 रुपये की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में उसके पास से रिश्वत की राशि बरामद की गई। जांच में पता चला कि आरोपी को अपने पद के कारण लंबित बिल को संसाधित करने का सीधा अधिकार था और उसने ठेकेदार/शिकायतकर्ता से अवैध रिश्वत लेने के लिए जानबूझकर बिल को रोक रखा था। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर मामला सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखा गया जिसने विचार-विमर्श के बाद आरोपी भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एईई) के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी जिसके बाद एजेंसी द्वारा सक्षम न्यायालय के समक्ष अंतिम रिपोर्ट/चालान प्रस्तुत किया गया।

उन्होंने आगे कहा कि मामला अब न्यायिक निर्णय के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष है। अगली सुनवाई की तारीख 6 जून, 2026 तय की गई है। भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो जवाबदेही सुनिश्चित करने और सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के अपने दायित्व के प्रति दृढ़ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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