सरकारी फंड के गबन के मामले में पूर्व ब्लाक विकास अधिकारी, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और पांच अन्य आरोपियों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर

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कुपवाड़ा, 24 जून (हि.स.)। एसीबी ने कुपवाड़ा ज़िले के लोलाब/लालपोरा ब्लॉक में सरकारी फंड के गबन के मामले में पूर्व ब्लाक विकास अधिकारी, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और पांच अन्य आरोपियों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की।

एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) जम्मू-कश्मीर ने बारामूला की एंटी-करप्शन स्पेशल जज की अदालत में एफआईआर नंबर 02/2020 (पुलिस स्टेशन एसीबी बारामूला) के तहत छह सरकारी कर्मचारियों और एक लाभार्थी ठेकेदार के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की है। इन पर कुपवाड़ा ज़िले के लोलाब/लालपोरा ब्लॉक में विकास कार्यों के लिए मिले सरकारी फंड में भ्रष्टाचार, आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी और गबन में शामिल होने का आरोप है।

यह मामला लोलाब/कुपवाड़ा ब्लॉक में ग्रामीण विकास विभाग के ज़रिए किए गए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत से शुरू हुआ था। तत्कालीन विजिलेंस ऑर्गनाइज़ेशन कश्मीर (अब एंटी-करप्शन ब्यूरो) की जांच में मार्गी डाइवर (करिवां) में सरबंद का निर्माण - चरण-I, और डाइवर-B में मछली पालन तालाब का निर्माण जैसे कार्यों को पूरा करने में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। जांच में गलत माप, ऐसे काम के हिस्सों की बिलिंग जो कभी हुए ही नहीं, ज़रूरी मंज़ूरी के बिना वन भूमि पर काम करना और अधूरे व घटिया काम के लिए पेमेंट जारी करने जैसी बातें सामने आईं। इसके बाद एफआईआर नंबर 02/2020 दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।

जांच से पता चला कि आरोपी सरकारी कर्मचारियों ने लाभार्थी ठेकेदार के साथ आपराधिक साज़िश रचकर अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने धोखाधड़ी से काम पूरा करने, गलत रिकॉर्ड बनाने, माप बढ़ाकर दिखाने और सरकारी फंड को बिना मंज़ूरी के जारी करने में मदद की। जांच में सरकारी खजाने को नुकसान होने का पता चला जो कभी न हुए कामों, ज़्यादा माप दिखाने, घटिया काम और धोखाधड़ी वाले दावों की वजह से हुआ था। यह भी पाया गया कि बिल बढ़ाने और अनुचित आर्थिक लाभ पाने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में पेड़ काटने से जुड़ी फ़र्ज़ी एंट्रीज़ की गई थीं।

नौकरी में मौजूद सरकारी कर्मचारियों के संबंध में सक्षम अधिकारी से ज़रूरी अभियोजन मंज़ूरी मिलने के बाद एंटी-करप्शन ब्यूरो ने मोहम्मद सुल्तान भट (तत्कालीन ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर, सोगम/लालपोरा), इंजीनियर सुरिंदर कुमार शर्मा (तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, डिवीज़न कुपवाड़ा) और मोहम्मद के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की।

शफी बुखारी (तत्कालीन असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, कुपवाड़ा), तैमूर अहमद खान (तत्कालीन जूनियर इंजीनियर, लालपोरा), निसार अहमद खान (तत्कालीन जूनियर इंजीनियर, लालपोरा), मो. सलीम डार (तत्कालीन विलेज लेवल वर्कर/पंचायत सचिव) और वसीम महमूद खान (लाभार्थी ठेकेदार)—इन सभी आरोपियों को माननीय अदालत के सामने पेश किया गया और अदालत की संतुष्टि के अनुसार पर्सनल बॉन्ड भरने पर उन्हें ज़मानत दे दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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