क्लस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू की अकादमिक काउंसिल बैठक में अहम शैक्षणिक सुधारों को मंजूरी
जम्मू, 02 अप्रैल (हि.स.)। क्लस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू की अकादमिक काउंसिल की 8वीं बैठक वीरवार को कुलपति प्रो. के. एस. चंद्रशेखर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में श्रीनगर क्लस्टर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मोबिन मोहम्मद विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। बैठक का एजेंडा डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ट्विंकल सूरी द्वारा प्रस्तुत किया गया जिसमें विभिन्न संकायों के डीन, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष और अन्य अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान पिछली बैठक की कार्यवाही और एक्शन टेकन रिपोर्ट को मंजूरी दी गई।
अकादमिक काउंसिल ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कई महत्वपूर्ण सुधारों को स्वीकृति दी। इनमें एक वर्षीय और दो वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम लागू करने, 48 शिक्षकों को पहली बार पीएचडी गाइड के रूप में मान्यता देने और विज्ञान में इंटीग्रेटेड प्रोग्राम दोबारा शुरू करने का फैसला शामिल है। काउंसिल ने लर्निंग आउटकम आधारित पाठ्यक्रम को अपनाते हुए शिक्षा को अधिक परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया। साथ ही बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रमों को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ढालने तथा शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के मानकों के अनुसार मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
नई पहलों के तहत वैदिक अध्ययन विभाग की स्थापना, जियोग्राफी में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड पीजी प्रोग्राम, एनवायरनमेंटल साइंस में एमएससी (रिन्यूएबल एनर्जी स्पेशलाइजेशन) सहित कई कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डोगरी अनुवाद जैसे विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। छात्रों के हित में विशेष कदम उठाते हुए दिव्यांग छात्रों के लिए परीक्षा में अतिरिक्त समय और स्क्राइब की सुविधा देने का भी निर्णय लिया गया। बैठक के अंत में कुलपति ने इसे विश्वविद्यालय को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

