जम्मू विश्वविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी नियुक्ति प्रणाली पर अभाविप की चिंता, पारदर्शी संवाद और स्थायी भर्ती की मांग, छात्रों के हितों से समझौता नहीं

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जम्मू, 21 फ़रवरी (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), जम्मू-कश्मीर इकाई ने जम्मू विश्वविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी नियुक्ति प्रणाली में प्रस्तावित बदलावों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने कहा कि शिक्षकों और छात्रों को प्रभावित करने वाला कोई भी निर्णय पारदर्शिता, निष्पक्षता और व्यापक परामर्श के साथ लिया जाना चाहिए। अभाविप ने कहा कि शिक्षक उच्च शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सेवा शर्तों, नौकरी की सुरक्षा तथा पेशेवर गरिमा से जुड़े मुद्दों पर बिना विचार-विमर्श के कोई भी नीतिगत परिवर्तन उचित नहीं है। अचानक किए गए बदलाव से शिक्षकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है और शैक्षणिक वातावरण तथा कक्षाओं की निरंतरता प्रभावित हो सकती है।

संगठन ने यह भी रेखांकित किया कि विश्वविद्यालय के दूरदराज़ और सीमावर्ती परिसरों में गेस्ट एवं अनुबंधित फैकल्टी पर काफी निर्भरता है। यदि उनकी नियुक्ति प्रक्रिया में व्यवधान आता है तो इन क्षेत्रों के छात्रों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ेगा जहां पहले ही उच्च शिक्षा के अवसर सीमित हैं। अभाविप ने स्थायी और नियमित भर्ती की मांग दोहराते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संरचना को स्थिरता और दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। हालांकि जब तक नियमित नियुक्तियां नहीं होतीं, तब तक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से अनुबंधित फैकल्टी की नियुक्ति जारी रहनी चाहिए ताकि शैक्षणिक रिक्तता न उत्पन्न हो।

अभाविप के प्रदेश सचिव सन्नक श्रीवत्स ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिक्षकों और छात्र संगठनों सहित सभी हितधारकों के साथ समयबद्ध और सार्थक संवाद शुरू करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चिंताओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपनी आवाज उठाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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