जम्मू-कश्मीर में त्योहारों पर एकता का संदेश, कवि अब्दुल कुद्दीर कुंदरिया ने दी शुभकामनाएं

WhatsApp Channel Join Now

जम्मू, 18 मार्च (हि.स.)। प्रसिद्ध उर्दू और डोगरी कवि अब्दुल कुद्दीर कुंदरिया ने नवरात्र, ईद-उल-फित्र और बैसाखी के पावन अवसर पर देश-विदेश के लोगों, विशेषकर जम्मू कश्मीर के निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि ये पर्व एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक समरसता के प्रतीक हैं। ऐसे अवसर समाज में प्रेम, शांति और सहिष्णुता को बढ़ावा देते हैं, जो एक प्रगतिशील और समृद्ध समाज की नींव हैं। उन्होंने सभी वर्गों के लोगों से इन त्योहारों को मिल-जुलकर मनाने और आपसी सम्मान व सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक उत्सव समाज को चुनौतियों का सामना करने के लिए साहस और उम्मीद भी प्रदान करते हैं।

अब्दुल कुद्दीर कुंदरिया ने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए समाज को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे ताकि युवाओं का भविष्य स्वस्थ और सुरक्षित बन सके। उन्होंने कुछ क्षेत्रों में शैक्षणिक ढांचे की कमी का भी उल्लेख किया और कहा कि उच्च माध्यमिक विद्यालयों और कॉलेजों की अनुपस्थिति छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जरूरत के अनुसार संस्थानों को अपग्रेड किया जाए और नए कॉलेज स्थापित किए जाएं। अपने संदेश के अंत में उन्होंने एक बार फिर सभी को शुभकामनाएं देते हुए एक ऐसे समाज के निर्माण का आह्वान किया, जो एकता पर आधारित हो, सामाजिक बुराइयों से मुक्त हो और शांति व प्रगति के मार्ग पर अग्रसर हो।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

Share this story