गुलमर्ग गोंडोला के संचालन में आई तकनीकी खराबी की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन

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श्रीनगर, 10 जून (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने 25 मई को गुलमर्ग गोंडोला के संचालन में आई तकनीकी खराबी की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस खराबी के कारण सैकड़ों पर्यटक फंसे रह गए थे और एक बड़ा बचाव अभियान चलाना पड़ा था। 10 जून के सरकारी आदेश संख्या 1065-जेके(जीएडी) 2026 के अनुसार समिति को घटना के कारणों की व्यापक जांच करने और खराबी से जुड़े सभी तकनीकी, परिचालन और प्रशासनिक पहलुओं की पड़ताल करने का कार्य सौंपा गया है। समिति की अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर विकास प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद शाह करेंगे। समिति में जम्मू-कश्मीर पर्यटन निदेशक विकास गुप्ता, गुलमर्ग विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तारिक हुसैन, जावेद अहमद तांत्रे, मैकेनिकल और अस्पताल सर्कल कश्मीर के प्रभारी अधीक्षण अभियंता और बारामूला के कार्यकारी अभियंता मोहम्मद इस्माइल चेची सदस्य होंगे।

समिति को केबल कार प्रणाली की विफलता के लिए जिम्मेदार घटनाओं के संपूर्ण क्रम का पता लगाने का निर्देश दिया गया है जिसमें घटना से पहले, दौरान और बाद की परिस्थितियाँ शामिल हैं। यह समिति परिचालन रिकॉर्ड, खराबी के संकेत, रखरखाव लॉग, निरीक्षण रिपोर्ट, संचारके प्रणाली और अन्य प्रासंगिक तकनीकी दस्तावेज़ों की भी जांच करेगी। संदर्भ की शर्तें समिति को खराबी की विस्तृत तकनीकी जांच करने का अधिकार देती हैं जिसमें गोंडोला से संबंधित यांत्रिक, विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक, ब्रेकिंग, संचार, नियंत्रण और सुरक्षा प्रणालियों की जांच शामिल है।

समिति आगे यह आकलन करेगी कि क्या किसी परिचालन चूक, लापरवाही, प्रक्रियात्मक खामी, संचार अंतराल, पर्यवेक्षी विफलता, मानवीय त्रुटि या प्रशासनिक कमी ने घटना में योगदान दिया। इसे वैधानिक प्रावधानों, सुरक्षा नियमों, निर्माता दिशानिर्देशों और रखरखाव प्रोटोकॉल के अनुपालन का मूल्यांकन करने के लिए भी कहा गया है। सरकार ने इस पैनल को घटना के दौरान और बाद में अपनाए गए आपातकालीन प्रतिक्रिया उपायों की प्रभावशीलता की समीक्षा करने का आदेश दिया है जिसमें निकासी प्रक्रियाएं, यात्री सुरक्षा तंत्र और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय शामिल हैं। महत्वपूर्ण रूप से समिति को गोंडोला प्रणाली के संचालन और रखरखाव से जुड़े व्यक्तियों, ठेकेदारों, एजेंसियों या अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार की चूक, लापरवाही या प्रक्रियात्मक उल्लंघन के लिए जहां भी आवश्यक हो जिम्मेदारी तय करने का अधिकार दिया गया है।

गुलमर्ग गोंडोला 25 मई को आई तकनीकी खराबी के बाद से बंद है और अधिकारियों का कहना है कि संचालन तभी फिर से शुरू होगा जब सभी सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान हो जाएगा और आवश्यक मंजूरी प्राप्त हो जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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