पिछले 12 हफ्तों में राजौरी जिले में कम से कम 45 जंगल में आग लगने की घटनाएं की गई दर्ज

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राजौरी, 03 जून (हि.स.)। राजौरी के पश्चिमी सर्कल के वन संरक्षक सत पाल ने बुधवार को बताया कि पिछले 12 हफ्तों में राजौरी जिले में कम से कम 45 जंगल में आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। राजौरी वन प्रभाग के कालाकोट तहसील के सियालसुई खादर वन क्षेत्र से सामने आए ताजा दृश्यों में जंगल के बड़े हिस्से आग की लपटों में घिरे दिखाई दे रहे हैं।

जम्मू और कश्मीर में चल रहे गर्म और शुष्क मौसम के कारण कई स्थानों से जंगल में आग लगने की घटनाओं की एक श्रृंखला के बीच ये घटनाएं सामने आई हैं

मीडिया से बात करते हुए सत पाल ने बताया कि राजौरी और नौशेरा वन प्रभागों में कुल मिलाकर लगभग 45 आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि हाल ही में हुई बारिश और उसके परिणामस्वरूप तापमान में आई गिरावट से आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं की संख्या कम होने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वन अग्निकांड के दौरान हमने आग लगने की कई घटनाएं देखी हैं विशेष रूप से पिछले 12 हफ्तों में। राजौरी जिले में दर्ज घटनाओं की कुल संख्या लगभग 45 है। इस आंकड़े में राजौरी और नौशेरा दोनों मंडल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कल हुई बारिश के बाद तापमान में थोड़ी गिरावट आई है। इसलिए हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में वन अग्निकांड की घटनाओं में कमी आएगी।

उन्होंने कहा कि आग के प्रारंभिक प्रसार को कम करने के लिए संसाधनों की त्वरित तैनाती और संचार में सुधार पर चर्चा करने के लिए एक आम बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि ये सतही आग हैं न कि वृक्षों के ऊपरी भाग में लगने वाली आग है लेेकिन फिर भी इनसे वनस्पतियों, पक्षियों, जानवरों, सरीसृपों और अन्य वन्यजीवों को काफी नुकसान होता है।

सत पाल ने जनता से वन अग्निकांड रोकने में सहयोग करने की अपील करते हुए निवासियों से लापरवाही न बरतने और आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी सामूहिक हरित संपदा की रक्षा करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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