एसएमवीडीयू में पर्यावरण और जल संरक्षण पर छह दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, देशभर के 204 प्रतिभागी जुड़े
जम्मू, 08 जुलाई (हि.स.)। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के तहत छह दिवसीय ऑनलाइन अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम एनवायरोवाटरमेट2026: इनोवेशन फॉर सस्टेनेबिलिटी का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण, जल संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में कार्यरत उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों की शैक्षणिक, व्यावसायिक और अनुसंधान संबंधी क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से 204 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रगति कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. अंकुश आनंद ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र उभरते और बहु-विषयक क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उद्घाटन समारोह में उपनिदेशक प्रो. शारदा, स्कूल ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के प्रमुख डॉ. वी.के. डोगरा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. भारत भूषण जिंदल तथा एमएमटीटीसी और विश्वविद्यालय के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन समन्वयक डॉ. वैभव सपकाल ने किया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. प्रगति कुमार ने उच्च शिक्षा में सतत सीखने, शैक्षणिक ईमानदारी और संकाय विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, सतत विकास, नवाचार आधारित अनुसंधान और विभिन्न विषयों के बीच सहयोग वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका को पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के विकास और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति में महत्वपूर्ण बताया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 जुलाई तक ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इसमें सतत जल प्रबंधन एवं संरक्षण, जल एवं अपशिष्ट जल उपचार में नवाचार, सर्कुलर इकोनॉमी, अपशिष्ट प्रबंधन एवं संसाधन पुनर्प्राप्ति, पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री, पर्यावरण संरक्षण तथा स्मार्ट मॉनिटरिंग और सतत शहरी विकास जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान होंगे। देश के आईआईटी, एनआईटी, प्रमुख अनुसंधान संस्थानों और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ प्रतिभागियों को नवीनतम शोध और तकनीकी विकास से अवगत कराएंगे। कार्यक्रम के अंत में सह-समन्वयक डॉ. राहुल शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

