जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पेश आर्थिक सर्वेक्षण में सुरंग परियोजनाओं की जानकारी दी गई
- जोजिला सुरंग का 59 फीसदी निर्माण पूरा हुआ, 2027-28 तक पूरा होने की उम्मीद
श्रीनगर, 05 फरवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में गुरुवार को पेश किये गए आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में ज़ोजिला सुरंग के बारे में जानकारी दी गई। रिपोर्ट में बताया गया कि 13.15 किलोमीटर लंबी ज़ोजिला सुरंग का लगभग 59 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसके 2027-28 तक पूरा होने की उम्मीद है।
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26 में बताया गया है कि जम्मू और कश्मीर की प्रमुख सुरंग परियोजनाओं का उद्देश्य हर मौसम में सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है, जो तेजी से आगे बढ़ रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र शासित प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में आवागमन को सुगम बनाने और यात्रा के समय को कम करने के लिए प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) और राष्ट्रीय राजमार्ग योजनाओं के तहत इन सुरंग परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार गांदरबल जिले के गागनगीर के पास स्थित 6.5 किलोमीटर लंबी सोनमर्ग (जेड-मोरह) सुरंग जुलाई 2024 में 2,379 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई।
सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि सोनमर्ग सुरंग का सीमावर्ती क्षेत्रों की ओर नागरिकों और सुरक्षा बलों की सुगम आवाजाही को सक्षम बनाकर रणनीतिक महत्व है। इससे भारी हिमपात और हिमस्खलन से होने वाले खतरे कम होंगे, जिससे श्रीनगर-लेह सड़क का मौसमी बंद होना समाप्त हो जायेगा, जो पहले हर साल लगभग सात महीने तक बंद रहता था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पंथल-मगरकोट सुरंग, डिगडोल-खूनी नाला सुरंग, जम्मू रिंग रोड सुरंग, बिंबर गली सुरंग और सुंगल सुरंग सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। इसमें यह भी जोड़ा गया है कि कुंडी सुरंग और नौशेरा सुरंग पहले ही पूरी हो चुकी हैं। सर्वेक्षण के अनुसार इन सुरंग परियोजनाओं के पूरा होने से सड़क अवसंरचना मजबूत होगी, यातायात सुचारू होगा, दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच में सुधार होगा और जम्मू-कश्मीर के दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक विकास को बल मिलेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

