‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0’ अभियान में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे पर जोर

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धर्मशाला, 11 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति के मार्गदर्शन में मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0 अभियान का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान जिला कांगड़ा के समस्त तालुका, न्यायालयों तथा जिला न्यायालयों में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य दीर्घकालीन लंबित मामलों का सुलह एवं मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र, सरल और प्रभावी निपटारा सुनिश्चित करना है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सचिव, आर मिहुल शर्मा ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत विवाह व पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा व चैक बाउंस मामले, वाणिज्यिक विवाद, सेवा मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, विभाजन, बेदखली, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले तथा अन्य उपयुक्त नागरिक मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जाना है।

उन्होंने कहा कि मध्यस्थता एक ऐसी वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया है, जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से पक्षकार आपसी सहमति एवं बातचीत के माध्यम से अपने विवादों का समाधान करते हैं। यह प्रक्रिया पूर्णतः गोपनीय, सरल, कम खर्चीली और समय-बचत करने वाली है, जिससे पक्षकारों के बीच संबंध भी बना रहते हैं और न्यायालयों में लंबित मामलों का भार भी कम होता है।

उन्होंने जिला कांगड़ा के समस्त नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने लंबित मामलों के शांतिपूर्ण, त्वरित और संतोशजनक समाधान के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया को अपनाएं। यह अभियान जनता को सुलभ, सस्ता और प्रभावी न्याय उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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