हिमाचल के शक्तिपीठों में नवरात्र में 10.25 लाख श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
शिमला, 20 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सात प्रमुख शक्तिपीठों और मंदिरों में शारदीय नवरात्र के दौरान 10 लाख 25 हजार 726 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। 11 से 19 अक्टूबर तक चले नौ दिवसीय नवरात्र उत्सव के दौरान इन मंदिरों में कुल एक ला ख 4 हजार 520 वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई। सबसे ज्यादा श्रद्धालु बिलासपुर जिले के श्री नैना देवी मंदिर पहुंचे, जहां 3 लाख 95 हजार 226 लोगों ने दर्शन किए। प्रदेश पुलिस के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को ये जानकारी दी।
प्रवक्ता ने बताया कि नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से मंदिरों में भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पुलिस के लिए अहम रही। पहाड़ी इलाकों में स्थित कई मंदिरों तक पहुंचने के रास्ते संकरे हैं और पार्किंग की जगह भी सीमित है। ऐसे में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, मंदिर न्यास, होमगार्ड और अन्य एजेंसियों ने मिलकर व्यवस्था संभाली।
नैना देवी मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, ज्वालामुखी दूसरे स्थान पर
नवरात्र के नौ दिनों में सात प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में श्री नैना देवी मंदिर पहले स्थान पर रहा। यहां 3 लाख 95 हजार 226 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। दूसरे स्थान पर कांगड़ा जिले का श्री ज्वालामुखी मंदिर रहा, जहां 1 लाख 80 हजार श्रद्धालु पहुंचे। श्री चिंतपूर्णी मंदिर में 1 लाख 39 हजार लोगों ने शीश नवाया।
त्रिलोकपुर स्थित श्री बाला सुंदरी मंदिर में 1 लाख 6 हजार 600 श्रद्धालु पहुंचे। श्री चामुंडा देवी मंदिर में 70 हजार 500, श्री बृजेश्वरी देवी मंदिर में 69 हजार 400 और श्री बगलामुखी मंदिर में 65 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
इन सात शक्तिपीठों-मंदिरों में श्रद्धालुओं की कुल संख्या 10 लाख 25 हजार 726 रही। इस दौरान वाहनों की संख्या 1 लाख 4 हजार 520 दर्ज की गई।
भीड़ और यातायात संभालने के लिए पुलिस की तैनाती
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक नवरात्र के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारों को व्यवस्थित रखने, यातायात नियंत्रित करने, पार्किंग की व्यवस्था करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने विशेष इंतजाम किए। पुलिसकर्मियों ने लंबे समय तक ड्यूटी देकर श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनाए रखने में योगदान दिया।
मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगातार निगरानी रखी। इस व्यवस्था में मंदिर प्रबंधन, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों ने भी सहयोग दिया। पुलिस ने श्रद्धालुओं से भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
आपात स्थिति में 112 पर करें संपर्क
हिमाचल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पुलिस, अग्निशमन या एंबुलेंस की सहायता की जरूरत पड़ने पर आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क करें। यह सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने की पुलिसकर्मियों की सराहना
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नवरात्र के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुचारू दर्शन की व्यवस्था करने पर हिमाचल प्रदेश पुलिस को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की अहम जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने पुलिस, जिला प्रशासन, मंदिर न्यास, होमगार्ड और अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री की सराहना के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रोत्साहन पुलिस बल को अधिक समर्पण, संवेदनशीलता और पेशेवर तरीके से जनता की सेवा करने के लिए प्रेरित करेगा। डीजीपी ने नवरात्र के दौरान तैनात जिला पुलिस प्रमुखों, पर्यवेक्षण अधिकारियों और अन्य पुलिसकर्मियों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने प्रदेश आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा तथा सुविधा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

