स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस की नई पहल, निजी वाहन चालकों का भी होगा सत्यापन

WhatsApp Channel Join Now
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस की नई पहल, निजी वाहन चालकों का भी होगा सत्यापन


शिमला, 05 नवंबर (हि.स.)। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए अब पुलिस स्कूल परिसर से लेकर उनके आने-जाने के साधनों तक निगरानी बढ़ाएगी। बच्चों को स्कूल लाने और घर छोड़ने वाले निजी वाहनों के चालकों का पुलिस सत्यापन करवाने के साथ स्कूलों के आसपास विद्यार्थियों के आने और छुट्टी के समय पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बच्चों को अपहरण, यौन शोषण, डराने-धमकाने और साइबर अपराध जैसे खतरों से बचाने के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत पुलिस स्कूल प्रबंधन और अभिभावक मिलकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

इसे लेकर हिमाचल प्रदेश पुलिस ने 'स्कूल संपर्क-विद्यालय सुरक्षा एवं विद्यार्थी संरक्षण पहल' की शुरुआत की। इस सिलसिले में पुलिस मुख्यालय शिमला में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें 27 स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सभी की साझा जिम्मेदारी है। पुलिस का प्रयास केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि संभावित खतरों की समय रहते पहचान कर ऐसी घटनाओं को रोकना भी है।

बैठक में स्कूल परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसमें निगरानी कैमरों की व्यवस्था, स्कूल में आने-जाने वाले लोगों की जांच, कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन और सुरक्षा इंतजामों की नियमित समीक्षा जैसे विषय शामिल रहे। स्कूलों को बच्चों को अपहरण, यौन शोषण, डराने-धमकाने और अन्य तरह के शोषण से बचाने के लिए सतर्क रहने को कहा गया। स्कूल प्रबंधन को बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों में लागू लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की जानकारी देने और ऐसी किसी घटना का पता चलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने के प्रति भी जागरूक किया गया।

बच्चों के स्कूल आने-जाने के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर निजी वाहनों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। पुलिस ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को स्कूल पहुंचाने और वापस लाने के लिए निजी टैक्सी या अन्य वाहन किराये पर लेते समय चालक का पुलिस सत्यापन जरूर करवाएं। इसकी जानकारी संबंधित स्कूल प्रबंधन को भी दें। ऐसे वाहनों का रंग पीला होना चाहिए या उन पर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि उनका इस्तेमाल स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने के लिए किया जा रहा है। इससे इन वाहनों की पहचान आसानी से हो सकेगी।

पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर शिमला पुलिस ने स्कूलों में बच्चों के आने और छुट्टी होने के समय यातायात पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की है। इन समयों में स्कूलों के आसपास पुलिस गश्त भी की जा रही है। इसका उद्देश्य स्कूलों के आसपास यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा पर नजर बनाए रखना है।

इस पहल के तहत आपात स्थिति में पुलिस की मदद लेने के लिए 112 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों तक पहुंचाई जाएगी। वहीं, साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 नंबर पर संपर्क करने के बारे में जागरूक किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि समय पर सूचना मिलने से ऐसे मामलों में जल्द कार्रवाई की जा सकती है।

प्रदेश पुलिस के अनुसार इस पहल का उद्देश्य स्कूलों और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। इसके तहत बच्चों को अपराध, साइबर खतरों और नशे से बचाने के साथ स्कूल परिसर और स्कूल आने-जाने के रास्तों को सुरक्षित बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की भागीदारी को भी अहम माना गया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

772807 Articles

Share this story