संघ यात्रा - व्यक्ति निर्माण से राष्ट्रहरिपुरधार में प्रमुख जन-संगोष्ठी का आयोजन

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संघ यात्रा - व्यक्ति निर्माण से राष्ट्रहरिपुरधार में प्रमुख जन-संगोष्ठी का आयोजन


नाहन, 26 अप्रैल (हि.स.)।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य हिन्दू समाज को संगठित, सशक्त एवं समर्थ बनाने के उद्देश्य से निरंतर चल रहा है। यह यात्रा केवल संगठन की नहीं, बल्कि भारत को समरस, समर्थ और सशक्त बनाने की दिशा में एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान है। जिला हरिपुरधार द्वारा माता भंगायनी मंदिर के सत्संग भवन में एक प्रमुख जन-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के साथ हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख हरीश मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि संघ ने अपने कार्य की 100 वर्ष की गौरवपूर्ण यात्रा पूर्ण कर ली है। इस यात्रा के दौरान संघ ने उपेक्षा, विरोध, सहयोग और सहभाग की की स्थिति को प्राप्त किया।इन वर्षों में सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना से प्रेरित होकर संघ ने समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में योगदान दिया है।

उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी एवं संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने विजयदशमी 1925 के दिन संघ की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारत को स्वतंत्र, सशक्त और संगठित बनाना था।उन्होंने कहा कि संघ की नित्य शाखा के माध्यम से देशभक्ति से ओत-प्रोत एवं समाजहित में कार्य करने वाले व्यक्तियों का निर्माण हो रहा है। संघ व्यक्ति के व्यक्तिगत एवं राष्ट्रीय चरित्र निर्माण पर समान रूप से कार्य करता है। समाज की उन्नति के लिए संगठन, सामूहिकता और सबको साथ लेकर चलना आवश्यक है।

उन्होंने आगे कहा कि संघ सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त कर समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलता है। संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन और जीवन शैली है।आज भारत विश्व के अग्रणी देशों में स्थान बना रहा है और दुनिया को जीवन जीने की दिशा दिखा रहा है। संघ का लक्ष्य भारत को समरस, समर्थ एवं सशक्त बनाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

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