वारंटी पीरियड में अस्पताल की मशीन खराब, उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को दिए 3.40 लाख रुपये लौटाने के आदेश

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धर्मशाला, 09 जुलाई (हि.स.)। जिला उपभोक्ता आयोग कांगड़ा ने मेडिकल उपकरण निर्माता कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए उसे खरीदार को 3.40 लाख रुपये ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही मानसिक प्रताड़ना के लिए 15 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 7,500 रुपये अदा करने के भी निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह फैसला 7 जुलाई 2026 को सुनाया।

शिकायतकर्ता ने आयोग में दायर शिकायत में बताया कि उन्होंने 7 अप्रैल 2023 को गुजरात की कंपनी से 20×48 ऑटोक्लेव स्टेरिलाइजर मशीन 3,40,430 रुपये में खरीदी थी। यह मशीन डीडीयू जोनल अस्पताल शिमला में स्थापित की गई थी। कंपनी ने मशीन पर तीन वर्ष की वारंटी दी थी, जिसके दौरान किसी भी तकनीकी खराबी पर नि:शुल्क मरम्मत या बदलने का आश्वासन दिया गया था।

शिकायत के अनुसार वारंटी अवधि के भीतर ही मशीन में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई और वह पूरी तरह बंद हो गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कई बार कंपनी से संपर्क कर मशीन की मरम्मत या बदलने का आग्रह किया, लेकिन कंपनी ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि भेजे गए ईमेल नोटिस का भी जवाब नहीं दिया।

आयोग ने पाया कि कंपनी को नोटिस दिए जाने के बावजूद उसने मामले में कोई जवाब दाखिल नहीं किया और न ही सुनवाई में उपस्थित हुई। शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य निर्विवाद रहे। आयोग ने माना कि वारंटी अवधि में मशीन की मरम्मत या प्रतिस्थापन नहीं करना सेवा में गंभीर कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार है।

आयोग ने कंपनी को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 3,40,430 रुपये की राशि शिकायत दायर करने की तिथि से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाए। इसके अलावा 15 हजार रुपये मुआवजा और 7,500 रुपये वाद व्यय भी अदा करे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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